Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में उस वक्त सियासत गरमा गई, जब नगर विकास राज्य मंत्री राकेश राठौर ‘गुरु’ को आधी रात शहर कोतवाली पहुंचना पड़ा। इसकी वजह अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान दो बीजेपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना था।
जैसे ही राज्य मंत्री कोतवाली पहुंचे, उनके समर्थन में भारी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी वहां इकट्ठा हो गए। देखते ही देखते कोतवाली परिसर में भारी हंगामा शुरू हो गया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी होने लगी।
राज्य मंत्री राकेश राठौर हुए भावुक
कोतवाली में राज्य मंत्री राकेश राठौर अत्यंत भावुक हो गए। उनके आंसू छलक पड़े। रोते हुए उन्होंने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “बसे पहले, मैं आप सभी के माध्यम से आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं। मैं चार साल में ही नहीं, बल्कि अपने पूरे जीवन में पहली बार कोतवाली आया हूं। आज अगर हम सत्ता में हैं, अगर मैं विधायक या मंत्री हूं, तो यह महाराज के समर्थन और आशीर्वाद से ही संभव हुआ है।”
मंत्री ने आगे कहा, “कोतवाली के जो मुखिया है उनसे भी बात हुई थी। आश्वासन मिलता रहा कि हम छोड़ देते हैं, आज हमारी माननीय मुख्यमंत्री के साथ में बैठक भी थी, मैं जल्दी चला आता, लेकिन कल नगर विकास की बैठक भी है। चार बजे से अब तक एसपी से बात किया, डीएम से बात नहीं किया। आश्वासन मिलता रहा, ये जितेंद्र मिश्रा जी हैं, ये भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता हैं। मैं इस समाज में कभी भेदभाव के साथ में काम नहीं किया, लेकिन एक दर्द था कि अगर कार्यकर्ता नहीं रहेगा तो लड़ने का क्या फायदा।”
पुलिस ने दोनों कार्यकर्ताओं को रिहा किया
नगर विकास राज्य मंत्री राकेश राठौर ने कहा कि 32 मुकदमों के आरोपी और अतीक अहमद के गुर्गे मुजीब अहमद को तो प्रशासन कुर्सी पर बैठाकर सम्मान देता है, जबकि बीजेपी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं को बेवजह हवालात में बंद किया जा रहा है। बता दें कि मंत्री के कड़े रुख के बाद प्रशासन ने हिरासत में लिए गए दोनों कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया।
यह भी पढ़ें: ‘सरकार में मंत्री की भी सुनवाई नहीं’, कार्यकर्ता की मौत पर KGMU में धरने पर बैठे कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, विपक्ष भी साथ आया
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने गुरुवार देर शाम लखनऊ के केजीएमयू मुर्दाघर में पार्टी कार्यकर्ता विनोद साहनी की मौत को लेकर धरना दिया। इलाज के दौरान साहनी की मौत हो गई थी। निषाद ने आरोप लगाया कि गोंडा में उन पर गोली और चाकू से हमला किया गया था। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
