सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) की पूर्व चीफ फ़ाइनेंशियल ऑफ़िसर (CFO) नलिनी मलिक के ख़िलाफ अपनी चार्जशीट दायर कर दी है। चार्जशीट में रेजिडेंशियल सोसाइटी में एंट्री के लिए बनाया गया QR-कोड विज़िटर पास, WhatsApp मैसेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और बैंकिंग ट्रांज़ैक्शन जैसे डिजिटल सबूतों का ज़िक्र किया है। यह चार्जशीट कथित तौर पर 116.84 करोड़ रुपये के CSCL-IDFC फर्स्ट बैंक फ्रॉड केस में दायर की गई है।

नलिनी मलिक के हस्ताक्षर के बाद रिलीज़ होता था फंड

चार्जशीट के मुताबिक जांच से पता चला कि नलिनी मलिक एक ऑथराइज़्ड सिग्नेटरी थीं और CSCL के फ़ाइनेंशियल मामलों के मैनेजमेंट के लिए ज़िम्मेदार थीं। चार्जशीट में कहा गया है कि जांच से पता चला कि नलिनी मलिक का मोबाइल नंबर और ईमेल ID तीन CSCL बैंक अकाउंट से जुड़े थे। जांच में आगे पता चला कि मोबाइल नंबर नलिनी मलिक के पति राजेश मलिक के नाम पर रजिस्टर्ड था, लेकिन इसका इस्तेमाल नलिनी मलिक ही कर रही थीं और यह उनके पर्सनल बैंक अकाउंट से भी जुड़ा हुआ था। CBI के मुताबिक नलिनी मलिक के मोबाइल फोन और आरोपी रिभव ऋषि के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड के एनालिसिस से पता चला कि 31 मई, 2024 और 8 दिसंबर, 2025 के बीच दोनों के बीच 55 वॉइस कॉल पर बातचीत हुई थी।

चार्जशीट में आगे आरोप लगाया गया कि बैंकिंग रिकॉर्ड से पता चला कि 24 अक्टूबर, 2025 को स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स से मलिक के बैंक अकाउंट में 2 लाख रुपये जमा किए गए थे। जांच के दौरान चार्जशीट में कहा गया कि नलिनी मलिक ने रकम मिलने की बात मानी और कहा कि इसे आरोपी रिभव ऋषि ने कंसल्टेंसी या प्रोफेशनल सर्विस के लिए अरेंज किया था।

स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स से पैसे हुए ट्रांसफर

जांच में आगे पता चला कि स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स के अकाउंट से 10 लाख रुपये और 1.8 लाख रुपये की रकम एके चड्डा एंड कंपनी के अकाउंट में ट्रांसफर की गई थी, जो एक पार्टनरशिप फर्म थी, जिसमें नलिनी मलिक को 1 अप्रैल, 2025 से पार्टनर के तौर पर शामिल किया गया था। CBI चार्जशीट के अनुसार बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच से पता चला कि रसीदें नलिनी मलिक से जुड़ी रकम दिखाती हैं और बाद में बैंकिंग चैनलों और कैश के ज़रिए उन्हें काफी रकम ट्रांसफर या पेमेंट की गई। इन पैसों का सोर्स भी स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स ही था।

चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि जांच में नलिनी मलिक के मोहाली के सेक्टर 104 में अक्विला ताज टावर में उनके घर पर लगभग 45 लाख रुपये के बड़े इंटीरियर रेनोवेशन के काम का पता चला। CBI के अनुसार इंटीरियर कॉन्ट्रैक्टर के बयान, जांच के दौरान मिले WhatsApp कम्युनिकेशन और डॉक्यूमेंट्री सबूतों से कथित तौर पर पता चला कि यह काम नलिनी मलिक से सलाह-मशविरा करके और रिभव ऋषि के कहने पर किया गया था।

हालांकि, जांच में नलिनी मलिक द्वारा उस काम के लिए किए गए पेमेंट का कोई सबूत नहीं मिला है, जबकि कॉन्ट्रैक्टर ने कहा कि काम की कीमत लगभग 45 लाख रुपये थी। चार्जशीट के अनुसार कथित कैश डिलीवरी से जुड़ा डिजिटल ट्रेल 6 दिसंबर, 2025 को शुरू हुआ, जब नलिनी मलिक ने कथित तौर पर राहुल को भेजा, जिसे ऋषि के कहने पर कैश डिलीवरी के काम में लगा हुआ व्यक्ति बताया गया है। नलिनी मलिक ने एक WhatsApp मैसेज भी भेजा जिसमें लिखा था, “कितना टाइम लगेगा राहुल और पार्टी इंतज़ार कर रही है’। इसमें कैश डिलीवरी की जल्दी बताई गई थी।

QR-बेस्ड गेट एक्सेस पास भी किया था शेयर

CBI ने आरोप लगाया कि नलिनी मलिक ने अपनी रेजिडेंशियल सोसाइटी, अक्विला ताज टावर (सेक्टर 104, मोहाली) के एक ऐप (Mygate) के जरिए QR-बेस्ड गेट एक्सेस पास भी शेयर किया था। हालांकि चार्जशीट में कहा गया है कि उस दिन कैश डिलीवरी नहीं हो सकी। जांच में आगे पता चला कि 8 दिसंबर, 2025 को नलिनी मलिक ने फिर से अपनी रेजिडेंशियल सोसाइटी का QR-बेस्ड गेट एक्सेस पास WhatsApp के जरिए राहुल को फॉरवर्ड किया। चार्जशीट के अनुसार राहुल ने QR कोड अमृतपाल सिंह को फॉरवर्ड किया, जो ऋषि के लिए काम करने वाला एक और कथित कैरियर है।

CBI चार्जशीट में कहा गया है, “बाद में अमृतपाल सिंह ने इन एक्सेस डिटेल्स का इस्तेमाल सोसाइटी में एंट्री करने और नलिनी मलिक को उनके घर पर 50 लाख रुपये कैश पहुंचाने के लिए किया।” चार्जशीट में कहा गया है कि MyGate रिकॉर्ड्स से पता चला है कि 8 दिसंबर, 2025 को शाम 4:41 बजे सोसाइटी में एंट्री के लिए QR कोड का इस्तेमाल किया गया था। चैट एनालिसिस से कथित तौर पर पता चला कि नलिनी मलिक द्वारा शेयर किया गया QR कोड राहुल ने अमृतपाल सिंह को फॉरवर्ड किया था। CBI ने आगे कहा कि अमृतपाल और मलिक के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स में दोनों एक ही लोकेशन पर मिले हैं।

50 लाख रुपये कैश दिए गए

चार्जशीट के मुताबिक अमृतपाल ने जांच के दौरान कहा कि उसने नलिनी मलिक को उनके घर पर 50 लाख रुपये कैश दिए थे। चार्जशीट में कहा गया है, “अमृतपाल के मुताबिक नलिनी ने कैश गिना और स्वीकार किया।” CBI ने मलिक और दूसरे आरोपी अभय कुमार के बीच हुई WhatsApp चैट पर भी भरोसा किया है। चार्जशीट के मुताबिक अभय कुमार ने नलिनी मलिक के साथ एक PDF शेयर किया था, जिसमें CSCL अकाउंट का स्टेटमेंट था, जिसमें कई अवैध डेबिट ट्रांजैक्शन दिखाए गए थे।

CBI के मुताबिक जांच में यह भी पता चला कि बाद में नलिनी मलिक के साथ शेयर किए गए कई अकाउंट स्टेटमेंट असली अकाउंट स्टेटमेंट के नकली और हेरफेर किए गए वर्शन थे, जिनसे बिना इजाज़त के ट्रांज़ैक्शन हटा दिए गए थे और गलत इंटरेस्ट क्रेडिट एंट्री शामिल कर ली गई थीं। चार्जशीट में कहा गया है कि अभय ने नलिनी मलिक के साथ IDFC फर्स्ट बैंक में हरियाणा लेबर वेलफेयर बोर्ड के 50 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट बनाने से जुड़ा एक लेटर शेयर किया था। साथ ही ऐसे डॉक्यूमेंट भी शेयर किए थे, जिनमें कथित तौर पर CAPCO फिनटेक सर्विसेज़ और CSCL/CREST के बीच एग्रीमेंट दिखाए गए थे। CBI के मुताबिक ये एग्रीमेंट झूठे थे और फंड के डायवर्जन को छिपाने और सही ठहराने के लिए बनाए गए डॉक्यूमेंटेशन का हिस्सा थे।

जांच में WhatsApp चैट का भी ज़िक्र किया गया जिसमें नलिनी मलिक ने अभय से 1.8 लाख रुपये मांगे और इसके लिए एक स्क्रीनशॉट भी दिया, जिसमें 23 नवंबर, 2025 को एक मैसेज था, ‘स्क्रीन शॉट भेज देना’। चार्जशीट में आरोप लगाया गया कि 25 नवंबर को अभय ने एके चड्डा एंड कंपनी के अकाउंट में किए गए 10 लाख रुपये और 1.8 लाख रुपये के पेमेंट के स्क्रीनशॉट शेयर किए और ये पैसे आखिर में अकाउंट ट्रांसफर और कैश के जरिए मलिक को ट्रांसफर किए गए।

CBI ने क्या कहा?

नलिनी मलिक के खिलाफ अपने नतीजों को शॉर्ट में बताते हुए CBI ने कहा कि बातचीत से यह पता चलता है कि उसके पास अवैध ट्रांज़ैक्शन दिखाने वाला असली अकाउंट स्टेटमेंट था। साथ ही ऐसे ट्रांज़ैक्शन को छिपाने के लिए फैलाए गए जाली/हेरफेर किए गए अकाउंट स्टेटमेंट भी थे। एजेंसी ने आरोप लगाया कि बातचीत से यह भी पता चलता है कि उसे न केवल CSCL अकाउंट से हो रहे फ्रॉड ट्रांज़ैक्शन के बारे में पता था, बल्कि वह अकाउंट में हेराफेरी करने और फ्रॉड को छिपाने के लिए स्टेटमेंट की जालसाजी में भी शामिल थी।

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