फरवरी, 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक दंगे हुए थे। इन दंगों में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अफसर अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी। 26 फरवरी की सुबह अर्धसैनिक बलों के जवान हिंसा से प्रभावित इलाके चांद बाग की पतली गलियों में पहुंचे।

जवानों की टुकड़ी की कमान असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) हरीश कुकरेती कर रहे थे। इस टुकड़ी में 20 जवान थे। कुकरेती उस वक्त खजूरी खास चौक पुलिस थाने में तैनात थे।

कुकरेती को सूचना मिली कि एक दिन पहले ही खजूरी खास के नाले में एक व्यक्ति का शव फेंका गया है। जैसे ही जवान चांद बाग पुलिया पर पहुंचे, उन्हें एक बुजुर्ग शख्स मिला। यह शख्स रविंद्र शर्मा थे और वह अपने बेटे अंकित शर्मा को खोज रहे थे। चांद बाग का इलाका दिल्ली दंगों के दौरान सबसे प्रभावित इलाकों में से एक था।

रविंद्र शर्मा ने कुकरेती को बताया कि वह अपने बेटे को बीती शाम से ढूंढ रहे हैं। उन्हें डर है कि भीड़ ने उनके बेटे की हत्या कर दी है और उसके शव को नाले में फेंक दिया है।

गोताखोरों ने की शव की तलाश

रिटायर्ड हो चुके कुकरेती बताते हैं, “मैंने दिल्ली फायर सर्विस को फोन किया और एमसीडी से कहा कि वह कुछ गोताखोरों को मौके पर भेज दे। कुछ ही मिनट के भीतर चार से पांच गोताखोर वहां पहुंचे और उन्होंने नाले में शव की तलाश शुरू की।”

कुकरेती बताते हैं कि उस दौरान हालात बेहद तनावपूर्ण थे और लोग घरों के अंदर बंद थे। कुकरेती ने बताया कि उन्होंने अपनी टीम से इलाके की घेराबंदी करने को कहा। गोताखोरों ने एक घंटे तक तलाशी अभियान चलाया और तब तक पास ही रहने वाले अंकित के परिवार के कई लोग वहां पहुंच चुके थे। कुकरेती ने बताया कि नाला कीचड़, गंदगी और प्लास्टिक के कचरे से भरा हुआ था।

कुकरेती ने बताया, “उसका (अंकित का) शव सूज चुका था लेकिन नाले के पास खड़े उसके पिता ने तुरंत उसे पहचान लिया। माहौल बेहद तनावपूर्ण था लेकिन मैंने किसी तरह परिवार के लोगों को शव को अस्पताल ले जाने के लिए मनाया।”

शव मिलने की सूचना दयालपुर पुलिस थाने को दी गई और हत्या व आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गयी थी।

ताहिर हुसैन दोषी करार

सोमवार को आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य लोगों को दिल्ली की एक अदालत ने अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी करार दिया है।

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अंकित शर्मा के परिवार ने आरोप लगाया कि अंकित को हिंदू होने के कारण निशाना बनाया गया था। उन्होंने उसकी हत्या के सभी आरोपियों के लिए मौत की सजा की मांग की। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।