मध्य प्रदेश कैडर की एक महिला अधिकारी का साल में चौथी बार ट्रासफर किया गया है। इस पर 2011 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी भड़क उठीं। उन्होंने अपने ट्रांसफर पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि साजिश रचने वाले हमेशा उनके जीत जाते हैं जबकि वह हार जाती हैं।
प्रदेश सरकार ने 5 सितंबर को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया, इसकी सूची भी जारी की गई जिसमें आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान में संचालक, मध्यप्रदेश रोजगार एवं प्रशिक्षण परिषद (मेपसेट) की प्रबंध संचालक, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजना विभाग की संचालक और मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम की प्रबंध संचालक अधिकारी नेहा मारव्या का नाम था। इस फेरबदल में नेहा मारव्या को अन्य पदों से हटाकर केवल अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी दी गई है।
व्हाट्सएप ग्रुप में लिखा मैसेज
इस बदलाव के आईएएस नेहा मारव्या आहत हुईं और उन्होंने एमपी आईएएस अधिकारी एसोसिएशन के एक व्हाट्सएप ग्रुप में अपना दर्द बयां किया। उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप लिखा, “5 सितंबर 2026 की ट्रांसफर लिस्ट देखकर मैं बेहद परेशान हूं, इस लिस्ट में मेरा नाम भी है। पदभार संभालने के महज 50 दिनों के भीतर मेरा तबादला कर दिया गया। एक साल के अंदर यह चौथी बार है, जब मेरा नाम ट्रांसफर लिस्ट में डाला गया है।”
उन्होंने अपना असंतोष व्यक्त करते हुए और समस्या हल होने की उम्मीद के साथ लिखा कि यह यह व्हाट्सएप ग्रुप केवल जन्मदिन की शुभकामनाएं और बधाई देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इस व्हाट्सअप ग्रुप में कार्यरत आईएएस अधिकारियों के साथ कई सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी भी शामिल हैं।
सेवानिवृत्त आईएएस ने की पुष्टि
एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में पुष्टि की कि आईएएस नेहा मारव्या ने व्हाट्सअप ग्रुप में पोस्ट डालकर अपने तबादले के संबंध में आपत्ति जताई है।
उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि ट्रांसफर और पोस्टिंग सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है और आईएएस एसोसिएशन का इसमें कोई दखल नहीं होता है। आईएएस अधिकारियों के व्हाट्सएप ग्रुप में की गई मारव्या की यह पोस्ट अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस संबंध में जब नेहा मारव्या से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने न ही फोन उठाया और न ही भेजे गए मैसेज का कोई जवाब दिया।
महिला अधिकारी ने बताया किस कारण हुआ ट्रांसफर?
आईएएस अधिकारी ने उस ग्रुप में अंग्रेजी में किए पोस्ट में कहा कि उन्होंने हमेशा तबादले के आदेशों को सम्मानपूर्वक स्वीकार किया है लेकिन इस बार वह खुद को बेहद निराशा महसूस कर रही हैं।
उन्होंने लिखा, “मेरा ट्रांसफर इसलिए हुआ क्योंकि विभाग के अधीन काम करने वाले कर्मचारियों ने मेरे खिलाफ बगावत कर दी, जिनका कंट्रोल मेरे पास नहीं बल्कि विभाग के पास है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारी उनकी मेज पर हाथ पटक रहे थे और ट्रांसफर करवाने की धमकी दे रहे थे। महिला अधिकारी ने लिखा, “मैं उचित तरीके से कर्मचारियों की अवज्ञा, फाइलों को रोककर रखने और विभाग में मेरे साथ हो रहे दुर्व्यवहार की शिकायत की थी। मुझे उम्मीद थी कि मामले में जरूरी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन इसके बजाय मेरा ही ट्रांसफर कर दिया गया।”
‘तबादला करके मुझे अपमानित किया गया’
आईएएस नेहा ने सवाल उठाया कि क्या एक आईएएस अधिकारी इतना असुरक्षित है कि उसके अधीनस्थ कर्मचारी भी उसके खिलाफ बगावत करके उसका तबादला करवा सकते हैं? उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कोई भी आईएएस अधिकारी ऐसा कुछ कर सकता है जिसके कारण पदभार संभालने के महज एक महीने में कर्मचारी उसके खिलाफ हो जाएं क्योंकि एक अधिकारी को तो एक माह में कामकाज समझने का पर्याप्त अवसर भी मुश्किल से मिल पाता है। उन्होंने लिखा, “लेकिन कर्मचारियों की इस बगावत के कारण मेरा तबादला करके मुझे अपमानित किया गया है।”
व्यवस्था ने मुझे फेल कर दिया- नेहा मारव्या
नेहा मारव्या ने कहा कि उनकी तैनाती की अवधि केवल 2-3 महीने की होती है और जब तक वह अपने पद और जिम्मेदारियों को समझ पाती हैं, तब तक उन्हें हटा दिया जाता है।
उन्होंने आगे लिखा, “उम्मीद है कि हालात सुधरेंगे, मैंने सालों तक हाशिए पर रखे जाने और काम न दिए जाने के बावजूद चुप्पी और धैर्य बनाए रखा लेकिन अब हालात और बदतर हो गए हैं। अब तो अधीनस्थ कर्मचारी मुझे धमकी देने लगे हैं”
उन्होंने लिखा, “हमेशा साजिश रचने वाले जीत जाते हैं और मैं हार जाती हूं। व्यवस्था ने मुझे फेल कर दिया है। आज निशाना मैं हूं, कल कोई दूसरा आईएएस हो सकता है।”
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मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से हुई त्रासदी में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। मामले की जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर मिलावटी देशी शराब उत्तर प्रदेश के पड़ोसी जिले ललितपुर में सक्रिय एक गिरोह के जरिए मध्य प्रदेश पहुंचाई गई थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
