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नौकरशाहों का राजनीति में उतरने का सिलसिला पुराना

सेवानिवृत्त आइपीएस आइजी शेर सिंह कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं। रिटायर्ड आइएएस और कुमारी सैलजा के बहनोई आरके रंगा कांग्रेस में सक्रिय रहे हैं। पिछले साल आइएएस प्रदीप कासनी भी कांग्रेस का दामन थाम चुके हैं।

Author April 15, 2019 4:18 AM
किरपा राम पूनिया और एमएस मलिक

संजीव शर्मा

हरियाणा में आइएएस व आइपीएस लॉबी के अधिकारियों में नौकरी छोड़कर सक्रिय राजनीति करने का सिलसिला पुराना है। जिस नौकरी को हासिल करने के लिए उन्हें दिनरात एक करना पड़ता है, उसके माध्यम से जनसेवा करने की बजाय राजनीति के माध्यम से जनसेवा करने को हमेशा तरजीह दी जाती है। हरियाणा में यह सिलसिला राज्य के अस्तित्व में आने के साथ ही शुरू हो गया था। सेवानिवृत्त आइएएस आरएस चौधरी और बीडी ढालिया, अवकाश प्राप्त डीजीपी डॉ. एमएस मलिक इनेलो में पहली कतार के नेताओं में शामिल रहे हैं। इसके अलावा सेवानिवृत्त आइएएस डॉ. किरपाराम पूनिया मंत्री भी रह चुके हैं। सेवानिवृत्त आइएएस आरएस खर्ब ने इनेलो में सोशल मीडिया विंग की जिम्मेदारी संभाली है।

पूर्व अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में गृहराज्य मंत्री रहे आइडी स्वामी राजनीति में आने से पहले आइएएसअधिकारी थे। इसके अलावा पूर्व पुलिस महानिदेशक हंसराज स्वान जहां भाजपा के माध्यम से सक्रिय रहे है, वहीं हुड्डा सरकार में आइएएस रहे राव अभय यादव ने वीआरएस लेकर भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा और इस समय हरियाणा विधानसभा में विधायक हैं। सिरसा से भाजपा की प्रत्याशी सुनीता दुगगल ने भी राजनीति में आने के लिए आईआरएस की नौकरी छोड़ी थी। सेवानिवृत्त आइपीएस आइजी शेर सिंह कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं। रिटायर्ड आइएएस और कुमारी सैलजा के बहनोई आरके रंगा कांग्रेस में सक्रिय रहे हैं। पिछले साल आइएएस प्रदीप कासनी भी कांग्रेस का दामन थाम चुके हैं।

हरियाणा में भविष्य तलाश रही आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ने वाले अधिकारियों की संख्या कम नहीं है लेकिन जल्द ही उनका मोहभंग भी होता रहा है। पूर्व आइपीएस अधिकारी रणवीर शर्मा पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान वीआरएस लेकर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए और करनाल से टिकट की दावेदारी भी की। टिकट नहीं मिली तो आप से अलग हो गए और अपना राजनीतिक दल बना लिया। इसके अलावा आइएएस युद्धवीर ख्यालिया, पूर्व पुलिस महानिदेशक एएस भटोटिया, पूर्व एडीजीपी वीएन राय भी आप का दामन थाम चुके हैं। यही नहीं रिटायर्ड आइएएस और हरियाणा पुलिस शिकायत प्राधिकरण के अध्यक्ष रहे हुकम सिंह राणा भी आप में शामिल हो चुके हैं। अब इसी कड़ी में आइएएस बृजेंद्र सिंह का नाम भी शामिल हो गया है। बृजेंद्र सिंह इस समय हैफेड में प्रबंध निदेशक के पद पर तैनात थे। जहां से इस्तीफा देकर वे राजनीति में कदम रखने जा रहे हैं।

विवेक अत्रे नहीं आए राजनीति में
हरियाणा जहां आइएएस व आइपीएस में नौकरी छोड़कर राजनीति में कूदने की परंपरा रही है, वहीं प्रदेश में नाममात्र आइएएस ऐसे हैं जिन्होंने समय से पहले नौकरी तो छोड़ी लेकिन राजनीति में कदम नहीं रखा। हरियाणा काडर के आईएएस विवेक अत्रे ने अपने तय से करीब एक दशक पहले ही वीआरएस लेकर राजनीति में कदम रखने की बजाय साहित्य की गतिविधियों को बढ़ावा देने और मोटिवेशनल स्पीकर की राह पकड़ रखी है।
विवेक अत्रे ने अपने लिए नई राह चुनी है।

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