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1500 करोड़ की चपत लगाकर इस्लामिक बैंकर मंसूर खान दुबई फुर्र, चंद दिन पहले खुदकुशी की दी थी धमकी

इस्लामिक बैंकर मंसूर खान लोगों को बड़े रिटर्न का वादा कर 1500 करोड़ रुपये की चपत लगा दी। इतना नहीं मामले के पूरी तरह से सामने आने के पहले ही मंसूर भारत से फरार हो गया।

Author नई दिल्ली | June 14, 2019 11:43 AM
कुछ दिन पहले ही मंसूर खान की आत्महत्या की धमकी वाला ऑडियो सामने आया था। (फोटोः वीडियो स्क्रीनशॉट)

इस्लामिक बैंकर मंसूर खान लोगों को 1500 करोड़ रुपये की चपत लगा देश छोड़कर फरार हो गया। आई मॉनिटरी एडवाइजरी (IMA) ज्वेल्स का फाउंडर मंसूर ने लोगों को 14 से 18 परसेंट तक बड़े रिटर्न का झांसा देकर निवेश करने के लिए कहा। इसके बाद उसने मुस्लिम लोगों से 1500 करोड़ रुपये की रकम हड़प ली।

इससे पहले 9 जून को मंसूर का एक ऑडियो सामने आया था जिसमें उसने खुदकुशी करने की धमकी दी थी। वीडियो सामने के आने के बाद सैकड़ों निवेशक कंपनी के स्टोर पहुंच गए थे। पुलिस का कहना है कि मंसूर खान के खिलाफ 23000 शिकायतें मिली है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार पुलिस ने कहा कि वह 8 जून को देश छोड़कर फरार हो गया। मंसूर के फरार होने के बाद एक दिन पहले ही उसके खिलाफ पहली शिकायत आई थी।

बंगलूरू पुलिस ने खान के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। इस मामले में सबसे पहली शिकायत खालिद अहमद नाम के व्यक्ति ने की। खालिद मंसूर का करीबी मित्र और बिजनेस पार्टनर भी है। खालिद ने मंसूर पर 4.8 करोड़ रुपये धोखाधड़ी का आरोप लगाया। खालिद की शिकायत मिलने के बाद ही मंसूर की आत्महत्या की धमकी वाला ऑडियो सामने आया था। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में निवेशक शिकायत दर्ज कराने कॉमर्शियल स्ट्रीट थाने पहुंचे।

इससे पहले ही खान फरार हो चुका था। पुलिस के सूत्रों ने बताया कि मंसूर खान का इमिग्रेशन 8 जून को शाम को क्लियर हो गया था। वह 8.45 बजे दुबई के लिए उड़ान भर चुका था। पुलिस ने इस मामले में आईएमए के 7 निदेशकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि खान खुद अपनी गाड़ी चलाकर एयरपोर्ट पहुंचा था। पुलिस ने खान की जागुआर और रेंज रोवर गाड़ी भी जब्त की है। पुलिस ने बताया कि खान ने दुबई के लिए बिजनेस क्लास की सीट बुक कराई थी।

एसआईटी को सौंपी जांचः इससे पहले निवेश कंपनी की तरफ से हजारों लोगों के साथ इस कथित धोखाधड़ी सामने आने पर राज्य सरकार ने इस मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी थी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस मामले ट्वीट भी किया था। इसमें कहा गया था कि आईएमए ज्वेल्स की धोखाधड़ी की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच की जिम्मेदारी विशेष जांच दल को सौंपी जाती है।

इससे पहले कांग्रेस के मुस्लिम नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने भी मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से मुलाकात कर एसआईटी जांच की मांग की थी। प्रदेश भाजपा प्रमुख येदियुरप्पा ने भी कंपनी के मालिक को गिरफ्तार करने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही थी।

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