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ऐप नाकाम रहा तो सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने नाइट्रोजन सूंघकर दे दी जान

सुसाइड नोट में लिखा है कि आत्महत्या के लिए नाइट्रोजन गैस का इस्तेमाल इसलिए किया क्योंकि यह इस तरीके के जरिए बिना दर्द के जान दी जा सकती है।

Author हैदराबाद | April 21, 2016 2:24 PM
तस्वीर प्रतिकात्मक तौर पर इस्तेमाल की गई है।

33 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने एक सोशल नेटवर्किंग ऐप बनाया था, लेकिन जब वह सफल नहीं हुआ तो उसने मौत को गले लगा लिया। लकी गुप्ता नाम के इंजीनियर ने गुरुवार को अपने घर में नाइट्रोजन गैस सूंघकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि उसने नाइट्रोजन गैस सूंघने का फैसला इसलिए किया ताकि मौत के वक्त उसे दर्द ना हो।

लकी के पिता आशिक कुमार अग्रवाल ने गुरुवार दोपहर को जब देखा कि वह अपने तय समय पर नहीं उठा है तो उन्होंने दरवाजा पर दस्तक दी। दरवाजा खड़खड़ाने पर भी लकी ने कोई रेसपॉन्स नहीं दिया तो परिवार के सदस्यों ने दरवाजे को धक्का देकर खोला। जिसके बाद उन्होंने देखा कि लकी ने मुंह पर मास्क पहना हुआ है जो कि नाइट्रोजन गैस के सिलेंडर से एक पाइप के जरिए जुड़ा हुआ है।

पुलिस को बेडरूम से सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड नोट में लिखा है कि वह खुशकिस्मत है कि उसने बिना दर्द के अपने जीवन को खत्म कर लिया। साथ ही लकी ने सुसाइड नोट में लिखा कि आत्महत्या के लिए नाइट्रोजन गैस का इस्तेमाल इसलिए किया क्योंकि इस तरीके के जरिए बिना दर्द के जान दी जा सकती है।

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पुलिस ने तीन फीट लंबे नाइट्रोजन सिलेंडर को अपने कब्जे में ले लिया है। लकी ने यह नाइट्रोजन सिलेंडर 17 मार्च को खरीदा था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मौत से पहले लकी ने कई बार ऑनलाइन रिसर्च किया था कि बिना दर्द के आत्महत्या कैसे की जा सकती है। पुलिस ने पॉस्टमार्टम के लिए शव को भेज दिया है और संदिग्ध मौत का मामला दर्ज कर लिया है।

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