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नस्ली नफरत के शिकार श्रीनिवास के घर पसरा है मातम

भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचिबोटला की अमेरिका में हत्या होने के बाद यहां बाचुपल्ली स्थित उनके घर पर शोक का माहौल है।

Author हैदराबाद | February 25, 2017 12:38 AM
भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचिबोटला की अमेरिका में हत्या होने के बाद यहां बाचुपल्ली स्थित उनके घर पर शोक का माहौल है।

भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचिबोटला की अमेरिका में हत्या होने के बाद यहां बाचुपल्ली स्थित उनके घर पर शोक का माहौल है। ओलाथ में जीपीएस बनाने वाले गार्मीन मुख्यालय में काम करने वाले श्रीनिवास कुचिबोटला (32) की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई जबकि उनके भारतीय सहकर्मी आलोक मदासानी गंभीर रूप से जख्मी हैं। अमेरिका में बुधवार रात को बहस होने के बाद एक सिरफिरे ने दोनों पर नस्लीय टिप्पणियां करते हुए गोलियां बरसा दी थीं। श्रीनिवास के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात करने और सांत्वना देने के बाद उनके कुछ रिश्तेदारों ने कहा कि शहर से बी टेक करने के बाद श्रीनिवास 2005 में एम टेक करने के लिए अमेरिका गए थे। उनके रिश्तेदार कृष्णमोहन ने कहा, चार वर्ष पहले उनकी शादी हुई थी। उनके प्रबंधक उनकी काफी प्रशंसा करते थे। वर्ष 2014 में वे गार्मीन कंपनी में चले गए। उन्होंने कहा, हमें बताया गया है कि नफरत के कारण उन्हें गोली मारी गई। श्रीनिवास काफी अच्छे व्यक्ति थे, हम उन्हें काफी याद करते हैं।

उनके एक अन्य रिश्तेदार वेणु माधव ने कहा, नफरत के कारण उनकी हत्या कर दी गई। इस तरह के लोग जब चिल्लाते हैं तो आम तौर पर हम जवाब नहीं देते। मैंने खुद ही अमेरिका में काम किया है और मैं इस बारे में जानता हूं। मेरा मानना है कि मेरे भाई ने भी जवाब नहीं दिया होगा। संभवतया ट्रंप (अमेरिकी राष्ट्रपति) के बाद हम ऐसा देख रहे हैं। हमारा मानना है कि नस्लीय हमले बढ़े हैं। पहले ऐसा नहीं होता था। कभी-कभी ऐसी घटनाएं होती थीं, अब ऐसा अकसर होने लगा है। इस बार ऐसा हमारे घर में हुआ। यह काफी दुखद है। बहरहाल उन्होंने मामले में औपचारिकताएं पूरी करने के लिए दो अधिकारियों को भेजकर तत्परता दिखाने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को धन्यवाद दिया।

वेणु माधव ने बताया, श्रीनिवास के भाई डलास में रहते हैं। मैंने अपने दोस्तों से उनकी मदद करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा, सुषमा स्वराज ने हमारे परिवार के सदस्यों से बात की है और सहयोग किया है। हाल में वारंगल के एक युवक एम वामशी रेड्डी की भी अमेरिका के कैलिफोर्निया में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए।
बहरहाल चैतन्यपुरी इलाके में रहने वाले आलोक के पिता जगनमोहन रेड्डी ने कहा कि उनका बड़ा बेटा भी अमेरिका में रहता है और शुक्रवार सुबह उसने फोन कर गोलीबारी की घटना की जानकारी दी। जगनमोहन ने बताया, मैंने आलोक से बात की है। उसकी स्थिति ठीक हो रही है… मैं अमेरिका जाकर उससे मिलने की योजना बना रहा हूं। ओलाथ के आॅस्टिन्स  बार एंड ग्रिल में हुई गोलीबारी में श्रीनिवास और आलोक के अलावा एक अमेरिकी नागरिक भी जख्मी हो गया। उसने झगड़े में बीच-बचाव करने का प्रयास किया। जगनमोहन ने कहा, सूचना के मुताबिक श्रीनिवास, आलोक और अमेरिकी नागरिक इयान ग्रिलोट रेस्तरां में थे। हमलावर श्रीनिवास और आलोक को देखते ही चिल्लाने लगा और उनसे देश छोड़ने के लिए कहने लगा। आलोक वर्ष 2006 से ही अमेरिका में काम कर रहा है।

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