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Hyderabad Encounter: जांच के लिए पूर्व जज की नियुक्ति पर विचार

तेलंगाना सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी और वकील कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि उन्होंने मुठभेड़ के मामले में शीर्ष अदालत द्वारा प्रतिपादित निर्देशों का पालन किया है और सारे मामले को पहले ही राज्य सीआइडी के सुपुर्द कर दिया है।

Author Published on: December 12, 2019 5:39 AM
जजों ने कहा-हमारा प्रस्ताव शीर्ष अदालत के किसी पूर्व न्यायाधीश को इस मामले की जांच के लिए नियुक्त करने का है।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह तेलंगाना में पशु चिकित्सक से सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले के चारों आरोपियों के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की घटना की जांच के लिए शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश को नियुक्त करने पर विचार कर रहा है। प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे, न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना के पीठ ने कहा-हम इस तथ्य के प्रति सचेत हैं कि तेलंगाना हाई कोर्ट ने इस घटना का संज्ञान लिया है। पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत सिर्फ यही चाहती है कि सुप्रीम कोर्ट के दिल्ली में रहने वाले किसी पूर्व न्यायाधीश को इस मामले की जांच करनी चाहिए।

जजों ने कहा-हमारा प्रस्ताव शीर्ष अदालत के किसी पूर्व न्यायाधीश को इस मामले की जांच के लिए नियुक्त करने का है। पीठ ने स्पष्ट किया कि इस घटना की जांच करने वाले पूर्व न्यायाधीश को दिल्ली में रहकर काम करना होगा। पीठ ने कहा कि उसने शीर्ष अदालत के एक पूर्व न्यायाधीश से इस घटना की जांच करने का अनुरोध किया था लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।

अदालत ने इस मुठभेड़ की विशेष जांच दल से स्वतंत्र जांच कराने के लिए दायर जनहित याचिकाओं को गुरुवार के लिए सूचीबद्ध करते हुए संबंधित पक्षकारों के वकीलों से कहा कि वे नियुक्ति के लिए पूर्व न्यायाधीशों के नामों के बारे में सुझाव दें। तेलंगाना सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी और वकील कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि उन्होंने मुठभेड़ के मामले में शीर्ष अदालत द्वारा प्रतिपादित निर्देशों का पालन किया है और सारे मामले को पहले ही राज्य सीआइडी के सुपुर्द कर दिया है।

संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ स्वतंत्र जांच कराने के लिए शीर्ष अदालत में दो याचिकाएं दायर की गई हैं। पहली याचिका वकील जीएस मणि और प्रदीप कुमार यादव ने दायर की है। जबकि दूसरी याचिका वकील मनोहर लाल शर्मा ने दायर की है। मणि और यादव की जनहित याचिका में दावा किया गया है कथित मुठभेड़ फर्जी है और इस घटना में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दायर की जानी चाहिए।

तेलंगाना पुलिस ने शुक्रवार को कहा था कि ये आरोपी पुलिस के साथ हुई फायरिग्ां में मारे गए। यह घटना सवेरे करीब साढ़े छह बजे हुई जब जांच की प्रक्रिया के दौरान उन्हें वारदात की पुनर्रचना के लिए घटनास्थल पर ले जाया गया था। इन चारों आरोपियों को हैदराबाद के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर गोली मारी गई थी। जहां 27 वर्षीय महिला पशु चिकित्सक का जला हुआ शव मिला था।

मणि और यादव ने अपनी याचिका में कहा है कि कोई भी निर्दोष महिला से सामूहिक बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में संलिप्त आरोपियों का समर्थन नहीं करेगा लेकिन जांच एजंसी और पुलिस आयुक्त जैसे उच्चस्तरीय अधिकारियों द्वारा इन आरोपियों को अदालत से सजा मिले बगैर ही कानून अपने हाथ में लेकर मुठभेड़ में मारा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। वकील मनोहर लाल शर्मा ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में विशेष जांच दल से इस मुठभेड़ की जांच कराने का अनुरोध किया है।

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