Husband tells lie about three divorce and do halala her wife - यूपी: धर्मपरिवर्तन कर महिला ने किया था निकाह, शौहर ने तीन तलाक का झूठ बोल कराया हलाला - Jansatta
ताज़ा खबर
 

यूपी: धर्मपरिवर्तन कर महिला ने किया था निकाह, शौहर ने तीन तलाक का झूठ बोल कराया हलाला

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक महिला ने धर्म परिवर्तन कर शादीशुदा मुस्लिम युवक से निकाह किया। निकाह के कुछ साल बाद उसके शौहर ने तलाक की झूठी बात कह उसका हलाला करवाया और फिर दोबारा निकाह करने के वादे से मुकर गया।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक महिला के साथ हलाला के नाम पर उत्पीड़न का मामला सामने आया है। वह 13 साल से इंसाफ के लिए ठोकरें खा रही है। उसके दोनों बच्चे बड़े हो गए हैं, लेकिन समझ में नहीं आ रहा है कि उनके पिता के रूप में किसका बताया जाए। दरअसल, एक महिला ने धर्म परिवर्तन कर बरेली के सूफी टोला में रहने वाले शादीशुदा अब्दुल हफीज से निकाह किया था। निकाह के कुछ साल तक सब सही रहा। इस दौरान महिला ने दो बच्चों को जन्म दिया। एक बार अब्दुल की पहली बीबी के साथ महिला की मामूली झड़प हो गई। इसे बहाना बना अब्दुल उसे बार-बार तलाक की धमकी देने लगा और एक दिन उसने कहा कि वह यहां से चली जाए। उसने उसे तलाक दे दिया है।

पीडि़ता के अनुसार, “अब्दुल ने उसे यह कहकर घर से निकाल दिया कि वह उसे तलाक दे चुका है। अब वह यहां से चली जाए। महिला के पास सिर छिपाने की कोई और जगह नहीं थी। इसलिए उसने अब्दुल से कहा कि उसे यहीं रहने दे। लेकिन अब्दुल ने दारूल इफ्ता से फतवा लेने की बात कही। फतवे में सिर्फ तलाक की धमकी दी गई थी, तलाक नहीं। लेकिन शौहर ने यह बात छिपाते हुए कहा कि अब तलाक हो गया है और यदि वह फिर से उससे निकाह करना चाहती है तो हलाला करना पड़ेगा। पति की बात मानते हुए महिला ने एक दूसरे शख्स के साथ हलाला करवाया। बाद में एक साल बाद हफीज के कहने पर उसने दूसरे शख्स से तलाक ले लिया। लेकिन इसके हफीज अपने वादे से मुकर गया और उसे रखने को तैयार नहीं हुआ। इधर कुछ समय पहले जब उसने फतवे की कॉपी देखी तो उसे पता चला कि उसका तलाक ही नहीं हुआ था। उससे झूठ बोलकर उसका हलाला किया गया।”

महिला के बच्चे अब बड़े हो चुके हैं। दोनों अब्दुल के बच्चे हैं लेकिन उनके पहचान पत्र में महिला के दूसरे पति का नाम लिखा हुआ है। लेकिन अब महिला का कहना है कि विरोध के बावजूद वह बच्चों के रिकार्ड में अब्दुल हफीज का नाम दर्ज करवाएंगी। महिला ‘मेरा हक फाउंडेशन’ के साथ मिलकर इंसाफ की लड़ाई लड़ रही हैं। वह पहले से गुजारा भत्ता के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही थीं, लेकिन अब धोखाधड़ी का भी मुकदमा दर्ज करवाएंगी। वहीं, इस पूरे मसले पर मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने कहा कि महिला को हर हाल में इंसाफ दिलवाउंगी।

 

बता दें कि हलाला के नाम पर मुस्लिम महिलाओं को प्रताडि़त करने का यह पहला मामला नहीं है। कुछ दिनों पहले हलाला पीडि़त कई महिलाओं ने लखनऊ स्थित राज्य अल्पसंख्यक आयोग में पहुंच अपनी दर्द भरी दांस्ता सुनाई थी। पीडि़ताओं ने बताया कि किसी के साथ पड़ोसी ने हलाला किया तो किसी के साथ ससुर ने। एक महिला के साथ दो बार देवर और ननदोई के साथ हलाला करवाया गया। बरेली से ही एक और मामला सामने आया था जहां पति ने तलाक के बाद ससुर के साथ हलाला करवाया। हलाला के बाद इद्दत की अवधि के दौरान पति ने जबरदस्ती संबंध बनाए। जब महिला गर्भवती हो गई और बच्चे को जन्म दिया तो पति ने उसे साथ रखने से इंकार कर दिया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App