पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलों में क्या और इजाफा हो सकता है? यह सवाल टीएमसी के पूर्व विधायक और आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के एक ताजा बयान के बाद खड़ा हुआ है।
हुमायूं कबीर ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा है कि टीएमसी के सांसद ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी को लोकसभा में टीएमसी संसदीय दल के नेता के पद से हटाने पर विचार कर रहे हैं।
कबीर ने कहा है कि टीएमसी में इस मुद्दे पर फिर से फूट पड़ सकती है।
पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजों के बाद से टीएमसी में कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी के 58 विधायकों ने अपना गुट अलग बना लिया है और ऋतुब्रत बनर्जी को विधायक दल का नेता चुना है जबकि बनर्जी को पार्टी के द्वारा पहले ही निष्कासित किया जा चुका था।
29 में से 20 सांसद टूटेंगे
हुमायूं कबीर ने एनडीटीवी को बताया कि तृणमूल कांग्रेस के 20 से ज्यादा सांसद अभिषेक बनर्जी को उनके पद से हटाने के संबंध में लोकसभा के स्पीकर से बात कर चुके हैं। हुमायूं कबीर ने कहा कि लोकसभा में टीएमसी के 29 में से 20 सांसद पार्टी से टूटकर अलग हो जाएंगे।
हुमायूं कबीर ने कहा कि बारासात से सांसद काकली घोष दस्तीदार और कुछ और सांसद इस बारे में बात कर रहे हैं और थोड़ा इंतजार करना चाहिए। कबीर के मुताबिक, वक्त आने पर वे लोकसभा स्पीकर पर अभिषेक बनर्जी को हटाने के लिए दबाव डालेंगे।
टीएमसी के भीतर कई सांसद-विधायक हैं जिनके बारे में कहा जा रहा है कि वे पार्टी में अभिषेक बनर्जी के बढ़ते दखल से नाराज हैं। ऐसे में क्या ममता बनर्जी अपने भतीजे के खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगी। पार्टी में चल रही उठापटक के मद्देनजर ममता बनर्जी ने शुक्रवार को ही पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई है।
बर्फ से तेज पिघलेगी पार्टी
पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के करीब एक महीने बाद तृणमूल कांग्रेस में बढ़ती अंदरूनी कलह और नेताओं के बगावती तेवरों के बीच सीपीएम के राज्य सचिव और पूर्व सांसद मोहम्मद सलीम ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी में टूट पहले से तय थी और यह पार्टी अब तेजी से बिखर रही है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
