बिहार सरकार की ‘हर घर नल का जल’ योजना और केंद्र के ‘जल जीवन मिशन’ से कितने लोगों को पहुंचा फायदा? यहां जानें

बिहार सरकार के आंकड़ों की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि बिहार सरकार की ओर से चल रही ‘हर घर नल का जल’ योजना में कुछ गड़बड़ होने की बात सामने आई है।

Har Ghar Nal Ka Jal
हर घर नल का जल योजना से अब तक 152.16 लाख नल कनेक्शनों को पीने का पानी उपलब्ध करवाया गया है। (फाइल फोटो)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सितंबर 2016 में एक महत्वाकांक्षी योजना ‘हर घर नल का जल’ की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में पाइपलाइन के जरिए साफ पानी पहुंचाना था। इस योजना से अब तक 152.16 लाख नल कनेक्शनों को पीने का पानी उपलब्ध करवाया गया है।

बिहार सरकार द्वारा दिए गए ये कनेक्शन केंद्र सरकार के ‘जल जीवन मिशन’ के तहत दिए गए 8.44 लाख कनेक्शन और राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के माध्यम से दिए गए 2.32 लाख कनेक्शन से अलग हैं।

अब केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन-हर घर जल के आंकड़े भी सामने आए हैं। इसके तहत बताया गया है कि केंद्र के इस मिशन ने मंगलवार को 5 करोड़ (5,00,09,340 घर) नए ग्रामीण परिवारों के घर में नल से जल पहुंचाने की उपलब्धि हासिल कर ली है।

इसके साथ ही अब देशभर के करीब 8 करोड़ 24 लाख ग्रामीण परिवारों (42.83 फीसदी) को उनके घर में पीने का साफ पानी मिलना शुरू हो गया है। 15 अगस्त, 2019 को जब पीएम मोदी ने जल जीवन मिशन की घोषणा की थी, तब करीब 3 करोड़ 24 लाख परिवारों (करीब 17 फीसदी) को ही पीने का पानी उनके घर में मिल रहा था।

अगर देशभर के आंकड़ों की बात करें तो जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्र में 15 अगस्त 2019 तक केवल 3,23,62,838 नल कनेक्शन लगे थे। आज ये संख्या 8,23,72,178 पहुंच गई है। यानी 5,00,09,340 लोगों को केंद्र सरकार की इस योजना के तहत 2019 से अब तक नए कनेक्शन मिले हैं।

वहीं जल शक्ति मंत्रालय की वेबसाइट पर जो डाटा उपलब्ध है, उसके मुताबिक बिहार में अब तक 1,51,09,411 कनेक्शन लग चुके हैं और अभी 21,11,223 कनेक्शन लगाया जाना बाकी है। इसमें बताया गया है कि जब से ये मिशन शुरू हुआ है, तब से बिहार में 1,47,93,020 कनेक्शन दिए जा चुके हैं।

क्यों हो रही है बिहार सरकार की जल योजना की चर्चा: बिहार सरकार के आंकड़ों की चर्चा इसलिए भी हो रही है उसकी ओर से चल रही ‘हर घर नल का जल’ योजना में कुछ गड़बड़ होने की बात सामने आई है। इंडियन एक्सप्रेस की 4 महीने की लंबी जांच में पता लगा है कि इस योजना के तहत राज्य के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के परिवार के सदस्यों और सहयोगियों को 53 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट मिले।

बिहार की इस योजना के तहत 1.08 लाख पंचायत वार्ड्स को लक्ष्य बनाया गया था, जिसमें से 95 फीसदी हिस्सा योजना के तहत कवर किया जा चुका है। जबकि केंद्र सरकार ने पिछले महीने ‘जल जीवन मिशन’ के तहत बिहार के आंकड़ों को जब शामिल किया, तब पता लगा कि 2 साल पहले तक बिहार के सिर्फ 1.84 फीसदी परिवारों को पीने का पानी पहुंचा था, जबकि आज ये आंकड़ा 86.96 फीसदी तक पहुंच गया है।

इस मामले में बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद का कहना है कि करोबार करना गलत नहीं है, लेकिन उनके परिवार को तो कटिहार की 2800 यूनिट्स में से केवल 4 यूनिट्स ही मिली थीं। तारकिशोर का कहना है कि समस्या खड़ी ना हो, इसलिए तो उन्होंने अपने बेटे को सरकारी काम करने तक को मना कर दिया था।

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