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5 PPE किट, रोजाना 12 घंटे ऑक्सीजन, बेवजह टेस्ट; फिजूल खर्चे को कोविड मरीज के इलाज में अस्पाताल ने जोड़ा, ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा

ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर ही बीएमसी ने मुंबई के नामी अस्पताल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, पुलिस ने इस पर एपिडेमिक एक्ट के उल्लंघन का मामला भी दर्ज किया है।

Coronavirus, COVID-19, BMCकोरोना मरीज का इलाज करता एक डॉक्टर। (फाइल फोटो)

बृहनमुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमसी) ने हाल ही में कोरोनावायरस से जुड़े एक केस का ऑडिट किया है, जिसमें अस्पतालों द्वारा मरीजों से की जा रही बेवजह वसूली की बात सामने आई है। बताया गया है कि कोरोना का समय मुंबई का एक नामी अस्पताल पीड़ित को लूटने के लिए नए-नए तरीके निकाल रहा था। हालांकि, इसके बावजूद महिला को बचाया नहीं जा सका और उसने भर्ती होने के 14 दिन बाद ही दम तोड़ दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि इन 14 दिनों में उसका बिल 6 लाख 78 हजार रुपए दिया गया।

बीएमसी के इस ऑडिट में सामने आया है कि इस नामी अस्पताल ने महिला को 5 पीपीई किट प्रतिदिन के हिसाब से चार्ज किया। इसके अलावा उसे प्रतिदिन 3 एन-95 मास्क के लिए चार्ज किया गया, जो कि आमतौर पर पीपीई किट में ही फिटेड होते हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अस्पताल ने महिला पर बेवजह कोरोना टेस्ट किए और इनमें से ज्यादातर टेस्ट देर रात 1 बजे से लेकर रात 3 बजे तक किए गए, ताकि अस्पताल उससे ज्यादा पैसे चार्ज कर सके। बताया गया है कि महिला को 31 मई को अस्पताल में दाखिल कराया गया था और जून 13 को उसकी मौत हो गई।

ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर ही बीएमसी ने इस नामी अस्पताल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जो कि बाद में एफआईआर में तब्दील हो गई। इसे आईपीसी की धारा 188 (एपिडेमिक एक्ट के तहत नियमों के उल्लंघन) और धारा 34 (कई लोगों द्वारा एक जैसे आपराधिक इरादे से किया गया काम) के तहत केस दर्ज किया गया है। इस एफआईआर में अस्पताल के ट्रस्टी और चेयरमैन का नाम शामिल है। इसमें कहा गया है कि मरीज को पैरासिटामोल, विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स और एस्परिन जैसी कुछ अन्य बेसिक दवाओं तक के लिए चार्ज कर लिया गया, जबकि ये दवाएं अस्पताल में कम से कम दर पर या मुफ्त पैकेज में ही मिलती हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि महिला पर कुछ गैरजरूरी टेस्ट्स भी किए गए। इनमें ब्लड गैस एनालिसिस और सी रिएक्टिव प्रोटीन टेस्ट शामिल है, जिसे कई बार किया गया। ऑडिटर्स ने पाया कि हॉस्पिटल ने महिला को प्रतिदिन 12 घंटे ऑक्सीजन के इस्तेमाल के लिए चार्ज किया है।

मुंबई के इस नामी अस्पताल के प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें अभी एफआईआर की कॉपी का इंतजार है। उन्होंने कहा, “हम मामले से जुड़े अफसरों के साथ लगातार काम कर रहे हैं और इस मामले से जुड़ी चिंताओं का भी संज्ञान ले रहे हैं।” दूसरी तरफ पुलिस ने आरोपों की जांच शुरू कर दी है। सांताक्रूज पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर ने कहा कि हम पूरे बिल की इनवॉयस और अन्य डॉक्युमेंट इकट्ठा करने में जुटे हैं।

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