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कोरोनाः कानपुर के भैरव घाट पर भयावह हालात! श्मशान के बाहर लाशें छोड़ जा रहे लोग; आजिज कर्मी बोले- लोगों को जिम्मेदारी का अहसास नहीं है

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कोरोना महामारी पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस विपदा से निपटने के लिए पूरा संसाधन नहीं झोकेंगे तो भावी पीढ़ियां उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी।

Corona virus, covid-19कानपुर के भैरव घाट के बाह लाशें छोड़कर घर जाते लोग। (फोटो- एएनआई)

कोरोना महामारी से जूझ रहे लोगों के लिए मृतकों का अंतिम संस्कार करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बेबसी का आलम यह है कि श्मशान घाटों पर लोग शवों को छोड़कर चले जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर के एक श्मशान घाट में बहुत से लोग शवों को छोड़कर चले जा रहे हैं।

कानपुर के भैरवघाट विद्युत शवदाह गृह के इंचार्ज ने बताया, “यहां लगभग 60-70 शव प्रतिदिन आते हैं। बहुत से परिवार शव को छोड़कर चले जा रहे हैं। लोगों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास नहीं है।” घाट पर शवों की कतारें लगी हुई हैं। लोग बेबस और असहाय हैं। शवों के पास खड़े होने और उनको लाने-ले जाने वाले को भी कोरोना संक्रमित होने का खतरा रहता है।

उधर, उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि अब तक प्रदेश में कुल 4,01,41,354 सैंपल्स की जांच की गई है। 4 करोड़ से ज्यादा टेस्ट करने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य बन गया है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में प्रदेश में कोरोना के 32,993 नए मामले सामने आए हैं और 30,398 लोग डिस्चार्ज हुए। सक्रिय मामलों की कुल संख्या 3,06,458 है। सोमवार को प्रदेश में 1,84,144 सैंपल्स की जांच की गई।

प्रदेश में कोरोना महामारी के बढ़ते केसों पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। कहा कहा कि जनता ऑक्सीजन के लिए भटक रही है, यह बेहद दुखद है।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को ट्वीट किया, “जिस तरह उत्तर प्रदेश के लोग ऑक्सीजन के लिए दर-दर भटक रहे हैं, वो बेहद दुखद है और उससे भी दुखद है कि भाजपा नेतृत्व वाली सरकार सरेआम झूठ बोल रही है कि कहीं कोई कमी नहीं है।”

सपा प्रमुख ने ट्वीट में कहा, “ये एक नैतिक अपराध है. अब तो भाजपा के समर्थक तक इस झूठ में अपनों को खोने के लिए बाध्य हैं।” कहा, “सत्य का इतना अपमान पहले कभी नहीं हुआ।”

उधर, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने प्रदेश में कोरोना महामारी की स्थिति पर चिंता प्रकट करते हुए मंगलवार को कहा कि अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस विपदा से निपटने के लिए पूरा संसाधन नहीं झोंकेंगे तो भावी पीढ़ियां उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी।

उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में यह आग्रह भी किया कि राज्य सरकार को स्वास्थ्य संबंधी आपातकाल की स्थिति को स्वीकार करना चाहिए। प्रियंका ने सुझाव दिया कि स्वास्थ्यकर्मियों एवं फ्रंटलाइन कर्मियों के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा करने के साथ ही आरटीपीसीआर जांच बढ़ाने, ऑक्सीजन भंडारण की नीति तय करने और मौत के आंकड़ों को लेकर पारदर्शिता बरतने समेत कई कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में शहरों की सीमाओं को लांघकर अब यह महामारी गांवों में अपना पैर पसार रही है। पिछले 20 दिनों में कोरोना के 10 गुना मरीज बढ़े हैं। सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि जिस रफ़्तार से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं उसके मुकाबले प्रदेश में कोरोना जांच की दर न के बराबर है। बड़ी संख्या ऐसे मामलों की भी है जो रिपोर्ट ही नहीं हो पा रहे।”

उन्होंने दावा किया, “ग्रामीण इलाकों में तो जांच तक नहीं हो रही है, शहरी इलाकों के लोगों को जांच कराने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। 23 करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्य में प्रदेश सरकार के पास केवल 126 परीक्षण केंद्र और 115 निजी जांच केंद्र हैं।”

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