Pune News: पुणे की एक प्रमुख झुग्गी बस्ती में कई परिवारों ने इफ्तार रद्द कर दिया। ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ कहते हुए एक वीडियो के सिलसिले में 20 साल के युवक की गिरफ्तारी के बाद इलाके में मातम छाया हुआ है। हिंदू पड़ोसी भी युवक के परिवार के साथ इस बात पर अफसोस जता रहे हैं कि मजाक में कही गई बात इतनी बेकाबू कैसे हो गई।

परिवार के मुख्य कमाने वाले 20 साल के युवक को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे सभी लोग नेक इंसान बताते थे और वह अपना खाली समय घर पर ही बिताता था। उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 192 और 196(1) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई तब की गई जब एक वीडियो सामने आया जिसमें वह कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करते हुए ये टिप्पणियां कर रहा था।

युवक के पिता को हो चुका निधन

पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों का कहना है कि 20 साल के युवक का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और उसे एक दोस्त ने उकसाकर ये टिप्पणियां करने को मजबूर किया था। इस घटना का एक एडिटेड वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि उसने अपने बयानों के लिए माफी मांग ली है। इस युवक के पिता का निधन लगभग दो साल पहले हो गया था। चूंकि उसका बड़ा भाई दिव्यांग है, इसलिए युवक ने स्कूल छोड़ दिया और कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करना शुरू कर दिया।

घरेलू कामगार के रूप में काम करने वाली मां फूट-फूटकर रो पड़ीं और बोलीं, “अगर आप वीडियो देखेंगे, तो साफ है कि मेरे बेटे को कुछ बोलने के लिए उकसाया जा रहा है। उसे इस मामले की गंभीरता का अंदाजा नहीं है। वह मेरा बच्चा है, सिर्फ 20 साल का। उसने पहले ही माफी मांग ली है और मैं भी, जिसे भी जरूरत हो, उसकी गलती के लिए माफी मांगने को तैयार हूं।”

हमारा पाकिस्तान से कोई लेना-देना नहीं- युवक की चाची

युवक की चाची ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “हमारा पाकिस्तान से कोई लेना-देना नहीं है। हम भारतीय हैं, भारत में पैदा हुए हैं और यहीं मरेंगे। उसने जो कुछ भी कहा, वह गंभीरता से नहीं कहा था।” एक हिंदू पड़ोसी इस परिवार को बहुत पहले से जानती हैं। उन्होंने कहा, “यह 20 साल का लड़का अच्छा है। वह सुबह 9 बजे काम पर जाता है और अपने पिता की मृत्यु के बाद से वापस आकर अपनी मां के साथ बैठता है। अगर वह वास्तव में किसी बुरे प्रभाव में होता, तो मैं कहती कि उसे सजा भुगतने दो। लेकिन यहां ऐसा नहीं है। वह वास्तव में एक अच्छा लड़का है जिसने बस एक गलती कर दी।” पड़ोसी ने आगे कहा, “यहां हिंदू और मुसलमान सभी परिवार की तरह रहते हैं।”

एक अन्य हिंदू पड़ोसी का कहना है कि उसके पति की मृत्यु के बाद, पड़ोस के मुस्लिम परिवारों ने उसकी सबसे ज्यादा मदद की थी। एक मुस्लिम पड़ोसी का कहना है, “हमारे बच्चे अंबेडकर जयंती, अन्नाभाऊ साठे जयंती, शिव जयंती अपने हिंदू पड़ोसियों के साथ मनाते हैं। उन्होंने गलती की है और उनकी माफी स्वीकार की जानी चाहिए। उस नौजवान को क्यों गिरफ्तार किया जाए जो अपने परिवार का मुख्य सहारा है।”

एफआईआर हेमंत गायकवाड़ नाम के एक व्यक्ति ने दर्ज कराई है। उसने बताया कि उसे 7 मार्च को ‘सकल हिंदू समाज’ के व्हाट्सएप ग्रुप पर वीडियो मिला था। हिंदू सकल समाज विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, हिंदू जनजागृति समिति, हिंदू प्रतिष्ठान, दुर्गा वाहिनी, विश्व श्रीराम सेना और सनातन संस्था जैसे संगठनों का एक समूह है।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने पुणे पुलिस को लगाई थी फटकार

संयोगवश, मई 2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने पुणे पुलिस को एक कॉलेज छात्रा को उसकी इंस्टाग्राम स्टोरी पर पाकिस्तान जिंदाबाद लिखकर पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार करने पर फटकार लगाई थी। चल रही परीक्षाओं के दौरान छात्रा को कॉलेज से निष्कासित भी कर दिया गया था। उसे जमानत देते हुए और निष्कासन रद्द करते हुए हाई कोर्ट ने हैरानी जताई कि एफआईआर याचिकाकर्ता द्वारा पोस्ट डिलीट करने, पश्चाताप व्यक्त करने और माफी मांगने के तथ्यात्मक पहलू पर विचार किए बिना दर्ज की गई थी। कोर्ट ने कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस अधिकारी और कॉलेज उनका जीवन बर्बाद करने पर तुले हुए हैं।”

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सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के मालवण के एक शख्स की याचिका पर नोटिस जारी किया है। इसमे नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट के आदेश की अवमानना शुरू करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता के 14 साल के बेटे पर 23 फरवरी को भारत-पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी मैच के दौरान भारत विरोधी नारे लगाने का आरोप लगाया गया था। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने मालवण नगर परिषद के चीफ ऑफिसर और एडमिनिस्ट्रेटर को नोटिस जारी किया है। अब मामले की सुनवाई चार हफ्ते के बाद होगी। पढ़ें पूरी खबर..