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हिमाचल में कांग्रेस का संकट टलने के आसार, वीरभद्र 60 सीटों पर टिकट करेंगे तय

कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से कहा गया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में सूबे की 70 में से 60 सीटों पर टिकटों के बंटवारे का अधिकार उनको दिया जाएगा।
Author नई दिल्ली | September 25, 2017 13:43 pm
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह (फाइल फोटो)

अजय पांडेय

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की नाराजगी के कारण हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में पैदा हुए सियासी संकट के टलने के आसार हैं। सूबे के कांग्रेसी मुखिया सुखविंदर सुक्खू को पद से हटाने पर अड़े मुख्यमंत्री ने चुनाव मैदान से हट जाने का अल्टीमेटम देकर कांग्रेसी रणनीतिकारों की बेचैनी बढ़ा दी थी। लेकिन बताया जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान के इशारे पर तय किए गए एक ताजा फार्मूले से वीरभद्र के रुख में नरमी आई है। कांग्रेस महासचिव और सूबे के प्रभारी सुशील कुमार शिंदे की आगामी 26 सितंबर से शुरू हो रही तीन दिवसीय हिमाचल यात्रा के दौरान नए फार्मूले को अमली जामा पहनाए जाने के आसार हैं।

कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से कहा गया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में सूबे की 70 में से 60 सीटों पर टिकटों के बंटवारे का अधिकार उनको दिया जाएगा। इतना ही नहीं, पार्टी ने यह भी साफ कर दिया है कि वह आगामी चुनाव वीरभद्र सिंह की अगुवाई में ही लड़ेगी, नेतृत्व को लेकर कहीं कोई दुविधा की स्थिति नहीं है। लेकिन बदले में उनसे यह
कहा गया है कि वे प्रदेश अध्यक्ष सुक्खू को पद से हटाने की अपनी जिद छोड़ दें। सूत्रों की मानें तो इस नए प्रस्ताव के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के रुख में नरमी है। समझा जा रहा है कि इस महीने के अंत में लगातार तीन दिनों तक प्रदेश के प्रभारी महासचिव सुशील कुमार शिंदे हिमाचल के मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष सहित तमाम अन्य नेताओं से सीटों के बंटवारे सहित अन्य तमाम मुद्दों पर बातचीत करेंगे। शिंदे के कार्यालय ने उनकी इस यात्रा की पुष्टि की और बताया कि अपनी इस यात्रा में उनका मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष सुक्खू सहित अन्य तमाम नेताओं से मुलाकात का कार्यक्रम है।

कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि चूंकि अगले ही महीने कांग्रेस अध्यक्ष पद पर राहुल गांधी की पार्टी अध्यक्ष पद पर ताजपोशी प्रस्तावित है, ऐसे में उनकी खास पसंद माने जाने वाले सुक्खू को पद से हटाए जाने से गलत संदेश जाता। यही बात मुख्यमंत्री को समझाई गई कि वे राहुल की पसंद माने जाने वाले सुक्खू को पद से हटाने की अपनी मांग छोड़ दें और मजबूती से चुनाव की तैयारियों में जुटें। बता दें कि पिछले दिनों वीरभद्र सिंह अपनी नाराजगी से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अवगत कराने दिल्ली पहुंचे थे लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा। पहले उनकी मुलाकात वरिष्ठ नेता अहमद पटेल से कराई गई, उसके बाद उनको सोनिया गांधी से मिलने का समय मिला। बहरहाल, ऐसे संकेत हैं कि टिकटों के बंटवारे को लेकर तय किए ताजा फार्मूले से मुख्यमंत्री के रूख में नरमी आ गई है और अगले कुछ दिनों में हिमाचल कांग्रेस एकजुट होकर भाजपा की चुनौती का का सामना करने के लिए मजबूती से मैदान में उतरेगी।

 

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