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पीएम नरेंद्र मोदी ने कांगड़ा में मांगे वोट, यहां जीत नहीं हुई तो मुश्किल में पड़ जाएगी बीजेपी

Himachal Pradesh Assembly Election 2017: हिमाचल प्रदेश में नौ नवंबर को मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल फोटो)

गुरुवार ( दो नवंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में आयोजित चुनावी रैली में कहा कि जो यहां जीतता है वही राज्य में सरकार बनाता है। पीएम मोदी के बयान से साफ है कि कांगड़ा में बीजेपी अपना परचम फहराने के लिए बेताब है। हिमाचल प्रदेश में कुल 68 विधान सभा सीटें हैं जिनमें से सर्वाधिक 15 कांगड़ा जिले में हैं। राज्य के कुल 12 जिलों में सर्वाधिक विधायक इसी जिले से चुने जाते हैं। बीजेपी के लिए कांगड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले विधान सभा चुनाव में यहां की 15 सीटों में से 10 पर कांग्रेस को जीत मिली थी और राज्य में कांग्रेस की ही सरकार भी बनी थी। हिमाचल प्रदेश में नौ नवंबर को विधान सभा चुनाव के लिए मतदान होना है। नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे।

साल 2012 में हुए विधान सभा चुनाव में बीजेपी को कांगड़ा की दो विधान सभा सीटों पर ही जीत मिली थी। विधान सभा सीट के मामले में मंडी (10) और शिमला (8) कांगड़ा के बाद सबसे बड़े जिले हैं। राज्य में बहुमत के लिए 35 विधायक चाहिए होते हैं। ऐसे में इन तीन जिलों के प्रदर्शन से ही किसी भी पार्टी के सत्ता में पहुंचने की राह खुलती है। कांग्रेस की वीरभद्र सिंह सरकार के पास अभी 35 विधायकों का समर्थन है। वहीं बीजेपी के पास 28 विधायक हैं। पिछले चुनाव में चार सीटों पर निर्दलीय विजयी हुए थे। एक सीट फिलहाल खाली है।

हिमाचल में पिछले दो दशकों से बीजेपी और कांग्रेस पारापारी सरकार बनाते रहे हैं। ऐसे में बीजेपी को उम्मीद है कि वो कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने में सफल रहेगी। बीजेपी को 2014 के लोक सभा चुनाव के नतीजों पर भी काफी भरोसा है। बीजेपी ने 2014 के आम चुनाव में राज्य की सभी चार संसदीय सीटों पर जीत हासिल की थी। कांगड़ा संसदीय सीट से सबसे अधिक अंतर से जीत हासिल करने का रिकॉर्ड वरिष्ठ बीजेपी नेता शांता कुमार के नाम है। शांता कुमार ने पूर्व सांसद चंदर कुमार को करीब 1.7 लाख वोटों से हराया था। उन्हें करीब  5.56 लाख वोट मिले थे, जबकि चंदर कुमार को करीब 2.86 लाख वोट मिले थे।

कांगड़ा में करीब 12 लाख वोटर हैं। जिले में 1553 मतदान केंद्रों में वोट डाले जाएंगे। राज्य में ईवीएम से वोट डाले जाएंगे। राज्य में पहली बार सभी सीटों पर वीवीपीएटी (वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल) का प्रयोग किया जाएगा। वीवीपीएटी से वोटर ईवीएम पर वोट देने के बाद मशीन से बाहर आने वाली पर्ची पर इस बात की पुष्टि कर सकेंगे कि उनका वोट उसी पार्टी को गया है जिसे वो देना चाहते थे। कांग्रेस ने मौजूदा मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को ही मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया है। वहीं बीजेपी ने वरिष्ठ बीजेपी नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को सीएम उम्मीदवार बनाया है।

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