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आय से अधिक केस में वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी को मिली जमानत

82 साल के वीरभद्र को इस मामले में अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। हालांकि, सीबीआइ ने कहा कि मामले की जांच अब भी जारी है और जमानत दिए जाने से छानबीन प्रभावित हो सकती है।

Author नई दिल्ली | May 30, 2017 04:28 am
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह (पीटीआई फाइल फोटो)

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह को सोमवार एक विशेष अदालत ने आय से करीब 10 करोड़ रुपए अधिक की संपत्ति अर्जित करने के एक मामले में जमानत दे दी। विशेष न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार गोयल ने एक-एक लाख रुपए के निजी बांड और इतनी ही रकम के एक मुचलके पर सभी आरोपियों को राहत दी। बहरहाल, न्यायाधीश ने उनसे कहा कि वे अदालत की पूर्व अनुमति के बगैर देश नहीं छोड़ें ।  इससे पहले, सुबह सीबीआइ ने मुख्यमंत्री की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि वे आय से अधिक संपत्ति के मामले के गवाहों और अभी चल रही जांच को प्रभावित कर सकते हैं। लोक अभियोजक ने कहा कि वीरभद्र ‘राज्य के राजा’ थे और अगर जमानत बाकी पेज 8 पर दी गई तो कोई भी अदालत में आकर गवाही देने की हिम्मत ही नहीं करेगा। अपनी जमानत अर्जी में वीरभद्र और अन्य आरोपियों ने कहा कि जांच पूरी हो चुकी है, क्योंकि सीबीआइ पहले ही आरोप-पत्र दाखिल कर चुकी है। 82 साल के वीरभद्र को इस मामले में अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। हालांकि, सीबीआइ ने कहा कि मामले की जांच अब भी जारी है और जमानत दिए जाने से छानबीन प्रभावित हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने कई मेडिकल रिपोर्टों का हवाला देकर कहा है कि वे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं । आरोपियों ने यह दावा भी किया कि अगर उन्हें जमानत दे दी जाती है तो वे अपना मुकदमा बेहतर तरीके से लड़ सकेंगे ।वीरभद्र और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह आय से अधिक संपत्ति के मामले में 22 मई को अदालत में आरोपी के तौर पर पेश हुए थे और जमानत मांगी थी। सीबीआइ ने वीरभद्र, उनकी पत्नी प्रतिभा, यूनिवर्सल ऐपल एसोसिएट ओनर चुन्नी लाल चौहान, स्टैंप पेपर वेंडर जोगिंदर सिंह घलटा, तारणी इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रबंध निदेशक वाकामुल्ला चंद्रशेखर और सह-आरोपी लवन कुमार रोच, प्रेम राज और राम प्रकाश भाटिया के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया था । उन पर आपराधिक साजिश, फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है ।आरोप-पत्र में एलआइसी एजंट आनंद चौहान का भी नाम है । आनंद को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था और वह न्यायिक हिरासत में है । सीबीआइ की ओर से दायर आरोप-पत्र का संज्ञान लेने के बाद अदालत ने आठ मई को उन्हें सम्मन भेजा था।

वीरभद्र ने अपने खिलाफ डीए मामले को राजनीतिक प्रतिशोध बताया

इस बीच वीरभद्र सिंह ने अपने और अपनी पत्नी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ बताया। सिंह ने विशेष अदालत से जमानत मंजूर होने के कुछ ही समय बाद मीडियाकर्मियों से कहा कि यह एक लंबी लड़ाई होने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, यह एक राजनीतिक प्रतिशोध है। यह एक लंबी लड़ाई है और मैं लडूंगा और मुकदमे में जीत हासिल करूंगा।

 

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