Himachal Pradesh: Prem Kumar Dhumal may be CM again, both party observer returns to delhi - प्रेम कुमार धूमल हो सकते हैं हिमाचल प्रदेश के सीएम? पार्टी के दोनों पर्यवेक्षक लौटे दिल्ली! - Jansatta
ताज़ा खबर
 

प्रेम कुमार धूमल हो सकते हैं हिमाचल प्रदेश के सीएम? पार्टी के दोनों पर्यवेक्षक लौटे दिल्ली!

सीएम पद की रेस में एक जयराम ठाकुर का भी नाम चल रहा है। पर्यवेक्षकों के सामने धूमल और ठाकुर समर्थकों ने नारेबाजी की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रेम कुमार धूमल। धूमल सुजानपुर से चुनाव हार गए हैं। (File Photo/Facebook)

गुजरात में बीजेपी ने विधायक दल का नेता तो चुन लिया है। वहां विजय रुपाणी सीएम और नितिन पटेल डिप्टी सीएम बने रहेंगे लेकिन हिमाचल प्रदेश में अभी भी रस्साकसी बरकरार है। पार्टी संसदीय बोर्ड की तरफ से नियुक्त किए गए पर्यवेक्षक रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर दिल्ली लौट आए हैं लेकिन अभी तक सीएम का नाम तय नहीं हुआ है। इस बीच सूत्रों ने बताया है कि प्रेम कुमार धूमल के नाम पर मुहर लग सकती है। दरअसल, पार्टी पर्यवेक्षकों और राज्य प्रभारी मंगल पांडेय ने दो दिनों में पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत की। इस दौरान अधिकांश नेताओं ने प्रेम कुमार धूमल को ही सीएम बनाने का प्रस्ताव दिया है। लिहाजा, माना जा रहा है कि 73 साल के धूमल फिर से पहाड़ी राज्य की बागडोर संभाल सकते हैं।

बता दें कि 68 सदस्यों वाले हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बीजेपी को 44 सीटें मिली हैं जबकि कांग्रेस को 21 और अन्य को 3 सीटें हासिल हुई हैं। मुख्यमंत्री पद के बीजेपी उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल चुनाव हार गए। इसलिए पार्टी नेतृत्व को वहां नया लीडर चुनने में परेशानी आ रही है। अगर पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट पर पार्टी आलाकमान प्रेम कुमार धूमल के नाम पर मुहर लगाता है तो उन्हें 6 महीने के अंदर विधान सभा की सदस्यता लेनी होगी। इस दिशा में धूमल के पुराने वफादार और उनकी सरकार में मंत्री रहे वीरेंद्र कुमार ने धूमल के लिए अपनी सीट कुर्बान करने का ऑफर दिया है। कुमार राज्य में तीन बार कानून मंत्री रहे हैं। उन्होंने कुटलेहार से विधान सभा चुनाव जीता है। कुमार ने धूमल के लिए अपनी विधायकी छोड़ने का प्रस्ताव दिया है। कुमार के अलावा दो और विधायकों ने भी धूमल के लिए विधायकी छोड़ने का ऑफर दिया है।

बता दें कि हिमाचल प्रदेश में एक सदनी व्यवस्था है। यानी वहां सिर्फ विधान सभा है, विधान परिषद नहीं। इसलिए बैकडोर एंट्री की संभावनाएं नहीं है। ऐसे में अगर पार्टी चाहेगी तभी धूमल सीएम बन सकेंगे क्योंकि किसी भी व्यक्ति को छह महीने के अंदर फिर से चुनाव लड़कर सदन में पहुंचना होगा। पार्टी से अभयदान मिलने की स्थिति में ही धूमल को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि 73 साल के धूमल के सीएम बनने की संभावनाएं फिर से जग गई हैं। हो सकता है कि धूमल को दो साल के लिए ही हिमाचल की सत्ता मिले, उसके बाद वो पार्टी के तथाकथित रिटायरमेंट की उम्र सीमा (75 साल) के हो जाएंगे। इस लिहाज से उनका कार्यकाल दो साल का हो सकता है।

इधर, सीएम पद की रेस में एक जयराम ठाकुर का भी नाम चल रहा है। पर्यवेक्षकों के सामने धूमल और ठाकुर समर्थकों ने नारेबाजी की है। धूमल दो बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App