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हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव: वीरभद्र के बेटे और कौल सिंह की बेटी को मिला टिकट

कांग्रेस ने हिमाचल विधानसभा की कुल 68 सीटों चुनाव के लिए अपने 59 उम्मीदवारों की पहली सूची पिछले दिनों जारी कर दी थी जबकि नौ सीटों पर उम्मीदवारों के नाम बाद में जारी करने की बात कही गई थी।

Author नई दिल्ली | October 23, 2017 01:59 am
हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह। (फाइल फोटो)

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस की पारंपरिक सियासी लड़ाई तो देखने को मिलेगी ही लेकिन सूबे के चुनाव इस बार इसलिए खास होंगे क्योंकि इस चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर पिता के साथ साथ बेटे और बेटी भी चुनाव मैदान में अपनी अपनी किस्मत आजमाते नजर आएंगे। कांग्रेस ने हिमाचल की अपनी अंतिम सूची में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह को शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया है जबकि स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा ठाकुर को मंडी सदर से उम्मीदवार बनाया गया है। इसी प्रकार हिमाचल विधानसभा के अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल के बेटे आशीष बुटेल को पालमपुर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया है। दूसरी ओर तमाम कोशिशों के बावजूद जीएस बाली अपने बेटे के लिए टिकट नहीं हासिल कर पाए। बताते चलें कि कांग्रेस ने हिमाचल विधानसभा की कुल 68 सीटों चुनाव के लिए अपने 59 उम्मीदवारों की पहली सूची पिछले दिनों जारी कर दी थी जबकि नौ सीटों पर उम्मीदवारों के नाम बाद में जारी करने की बात कही गई थी। पार्टी महासचिव और हिमाचल प्रदेश के प्रभारी सुशील कुमार शिंदे और हिमाचल के लिए  गौरव गोगोई की अगुआई में गठित की गई स्क्रीनिंग समिति की रविवार को बैठक के बाद केंद्रीय चुनाव समिति ने आठ और उम्मीदवारों के नाम का एलान कर दिया।

इनमें सात नए नाम थे जबकि एक सीट पर उम्मीदवार बदलकर नए प्रत्याशी का नाम जारी किया गया। ऐसा कहा जा रहा था कि बाकी बचे दो नामों का एलान सोमवार को नामांकन के अंतिम दिन किया जाएगा लेकिन देर शाम केंद्रीय चुनाव समिति के प्रभारी आॅस्कर फर्नाडिस ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पुरानी शिमला ग्रामीण सीट से उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह और मंडी सदर से सूबे के स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा ठाकुर की उम्मीदवारी का एलान कर दिया। जाहिर है कि अब अरकी विधानसभा क्षेत्र से खुद मुख्यमंत्री चुनावी किस्मत आजमाएंगे तो शिमला ग्रामीण से उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह पहली बार चुनावी परीक्षा देंगे। इसी प्रकार कौल सिंह ठाकुर दरंग सीट से चुनाव मैदान में हैं तो बेटी मंडी सदर से। हिमाचल विधानसभा के अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल खुद भले चुनाव मैदान में नहीं हों लेकिन उनकी सियासी विरासत संभालने के लिए उनके बेटे चुनाव मैदान में उतारे गए हैं।

बाप के साथ-साथ बेटी और बेटों को चुनाव मैदान में उतारे जाने को लेकर पूछने पर कांग्रेस की सांसद व हिमाचल की प्रभारी सचिव रंजीता रंजन ने कहा कि आप किसी को केवल इस आधार पर किसी को खारिज नहीं कर सकते कि वह अमुक आदमी का बेटा या बेटी है। चंपा ठाकुर को टिकट दिए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वे अपने सुसराल में हैं और बीते 25 वर्षों से हैं। वहां पर उनका अपना आधार है। ऐसे में उनका नाम उनके पिता से जोड़ना उचित नहीं है। दिलचस्प यह है कि कांग्रेस की ओर से नाम घोषित किए जाने से पहले ही चंपा अपना नामांकन दाखिल कर चुकी हैं।हिमाचल प्रदेश के लिए कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति के प्रभारी आॅस्कर फर्नाडिस की ओर से जारी सूची के अनुसार पार्टी ने पालमपुर से आशीष बुटेल, शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से केवल सिंह पठानिया, मनाली से हरिचंद शर्मा, कुल्लू से सुरेंद्र सिंह ठाकुर को उम्मीदवार बनाया गया है। अन्नी (सुरक्षित) से पार्टी ने अपना उम्मीदवार बदल दिया है। यहां पर बंसीलाल की जगह पारस राम को टिकट दिया गया है। कुटलेहर से विवेक शर्मा को, नालागढ़ से खिविंदर राणा और ठियोग से दीपक राठौड़ को उम्मीदवार बनाया गया है।

 

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