पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के साध्वी यौन शोषण मामले की सुनवाई कर रहीं न्यायाधीश ने खुद को केस से अलग कर लिया है। अब डेरा मुखी मामले की सुनवाई दूसरी पीठ पर होगी। हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तय करेंगे कि मामले की सुनवाई कौन सी नई पीठ करेगी।
अभी इस मामले को न्यायमूर्ति विनोद एस भारद्वाज और न्यायमूर्ति सुखविंदर कौर की पीठ देख रही थी। न्यायमूर्ति सुखविंदर कौर ने अब खुद को इस मामले से अलग कर लिया है। यह दूसरा मौका है जब डेरा मुखी से जुड़े मुकदमे से न्यायाधीश ने खुद को अलग किया है। इससे पहले न्यायमूर्ति अनूपिंदर सिंह ग्रेवाल और सुमित गोयल भी खुद को राम रहीम के केसों की सुनवाई से अलग कर चुके हैं। ये इनके मुकदमों में सीबीआइ की ओर से पेश हुए थे, बाद में न्यायमूर्ति बनने के बाद खुद को केस से अलग कर लिया।
दरअसल, राम रहीम ने साध्वी यौन शोषण मामले में सुनाई गई सजा को हाई कोर्ट में चुनौती दे रखी है। पंचकूला की सीबीआई अदालत ने अगस्त 2017 में डेरा मुखी को दोषी करार देते हुए उसे 10-10 साल की सजा सुनाई थी और साथ ही डेरा मुखी पर 30 लाख 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगा दिया था। पहले मामले में 10 वर्ष की सजा पूरी होने के बाद दूसरे मामले में 10 वर्ष की सजा शुरू होनी है।
राम चंद्र छत्रपति का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
इसके अलावा, सिरसा के पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की 2002 में हुई हत्या का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, क्योंकि उनके बेटे अंशुल छत्रपति ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को इस मामले में बरी कर दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अंशुल की एसएलपी स्वीकार कर ली और राम रहीम और अन्य आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। अंशुल ने सीबीआई द्वारा मामले की सुनवाई के तरीके पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। 17 जनवरी 2019 को पंचकुला की एक विशेष सीबीआई अदालत ने गुरमीत राम रहीम और तीन अन्य आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी ठहराया था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
इसके बाद राम रहीम ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में फैसले को चुनौती दी। लंबी सुनवाई के बाद, हाई कोर्ट ने 7 मार्च, 2026 को राम रहीम को इस मामले में बरी कर दिया, जबकि अन्य तीन दोषियों की सजा को बरकरार रखा।
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सिरसा के डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर मंगलवार को 30 दिनों की पैरोल मिल गई है। राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। 2017 के बाद से राम रहीम को मिली 16वीं अस्थायी रिहाई है। इससे पहले राम रहीम को 5 जनवरी 2026 को शाह सतनाम सिंह की जयंती के अवसर पर 40 दिनों की पैरोल पर रिहा किया गया था। 2026 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को मिली यह दूसरी पैरोल है। राम रहीम को इससे पहले 15 बार पैरोल और फरलो दी जा चुकी है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
