ताज़ा खबर
 

मौसम विभाग की खतरे की चेतावनी के बाद उत्तराखंड के सभी जिलों में अलर्ट

उत्तराखंड सरकार के आपदा राहत प्रबंधन सचिव अमित नेगी ने पत्रकारों को बताया कि पहाड़ों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।

Author देहरादून / नई दिल्ली / लखनऊ | May 31, 2016 3:39 AM
representative image

उत्तराखंड में अगले 48 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए राज्य सरकार ने सूबे के सभी तेरह जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद नदियों और गदेरों के किनारे रहने वाले सभी लोगों को बारिश की स्थिति में सुरक्षित ठिकानों पर जाने की मुनादी सभी जिला प्रशासनों ने जारी कर दी है। भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर जाना शुरू कर दिया है। इस बीच पूरे उत्तर भारत में मौसम ने करवट ली है और दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब व कई अन्य इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है और मंगलवार को भी बारिश होने की बात कही गई है।

उत्तराखंड में अब तक बादल फटने और भारी बारिश से छह लोगों की मौत हो गई है। दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हैं और कई लापता हैं। दर्जनों मवेशी मारे गए हैं। आपदा से बुरी तरह पीड़ित टिहरी, उत्तरकाशी जिलों में राहत कार्य जारी हैं। ेएसडीआरएफ, पुलिस फोर्स और राजस्व विभाग की टीम बचाव और राहत कार्य में लगी है। मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं मैदानी इलाकों में सामान्य बारिश की संभावना जताई है।

उत्तराखंड सरकार के आपदा राहत प्रबंधन सचिव अमित नेगी ने पत्रकारों को बताया कि पहाड़ों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। बीते तीन दिनों से उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में भारी बारिश हो रही है। इस कारण गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। उनमें पहाड़ों से मिट्टी बहकर आने से पानी गंदला हो गया है।

उधर टिहरी जिले में बीते शनिवार को बाल गंगा घाटी में बादल फटने से जो तबाही मची थी, उससे अब तक एक हजार से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं। साढ़े सात सौ से ज्यादा लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। टिहरी जनपद में ही अब तक तीन हजार से अधिक लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। आपदा से पीड़ित लोगों को चार राहत शिविरों बीज गोदाम कोठियाड़ा, उच्च माध्यमिक स्कूल कोठियाड़ा, बेलेश्वर सामुदायिक भवन और पर्वतीय नवजीवन मंडल आश्रम में ठहराया गया है।

भारी बारिश के कारण सबसे ज्यादा नुकसान टिहरी जिले की तहसील घनसाली के तहत गांव सीताकोट, कोठियाड़ा, चिरगांव, सिलयारा, कोट, सरूणा, अर्द्धांगी और क्रेता में हुआ है। गढ़वाल मंडल में तीन लोगों की प्राकृतिक आपदा से मौत हुई है। ढाई सौ से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। तकरीबन आधा दर्जन लोग लापता है। टिहरी जिले में मरने वालों की तादाद दो हो गई है। वहीं उत्तरकाशी में एक मौत हुई है। हरिद्वार जनपद में भारी आंधी-तूफान चलने से दर्जनों पेड़ उखड़ गए हैं। पेड़ों के नीचे दबकर तीन लोगों की मौत हो गई है।

टिहरी जिले में 14 साल की लड़की भारती की मौत बादल फटने से आए मलबे में दबने से हो गई। टिहरी जिले में तीन दर्जन पशु मौत के मुंह में चले गए। वहीं उत्तरकाशी जिले के डुंडा गांव में 16 साल की सुनैना बाढ़ की चपेट में आकर मौत का शिकार हो गई। उत्तरकाशी जिले में दो दर्जन पशु मारे गए, वहीं आधा दर्जन मकान क्षतिग्रस्त हुए और आधा दर्जन लोग लापता है। इन दोनों जिलों में बिजली और संचार व्यवस्था ठप पड़ी हुई है। भारी बारिश की संभावना को देखते हुए बद्रीनाथ और केदारनाथ में तीर्थयात्रियों को रोक दिया गया है।

रविवार रात और सोमवार सुबह हुई बारिश से राजधानी दिल्ली का मौसम सुहावना बना रहा और अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री कम दर्ज किया गया। हालांकि मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि मंगलवार को बारिश में कमी आएगी और 1 जून से गर्मी फिर थोड़ी रफ्तार पकड़ेगी, लेकिन लू की संभावना नहीं है। राजधानी दिल्ली में रविवार को रातभर तेज हवाएं चलीं और बीच-बीच में बारिश भी होती रही। वहीं सोमवार सुबह अच्छी बारिश हुई जिससे न्यूनतम तापमान औसत से चार डिग्री कम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और अधिकतम तापमान सामान्य से 8 डिग्री कम 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार सुबह साढ़े आठ बजे तक 4.9 मिलीमीटर बारिश हुई। इस अवधि में लोधी रोड में 9.5 मिलीमीटर, पालम में 9.5 मिलीमीटर, रिज में 5.8 मिलीमीटर तथा आयानगर में 14 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश से शहर के कुछ इलाकों में जल जमाव की स्थिति भी आई जिससे कहीं-कहीं यातायात प्रभावित रहा। दिन में भी तीन बजे के बाद तेज हवाएं और हल्की बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग में वरिष्ठ वैज्ञानिक आनंद शर्मा ने कहा, मंगलवार से बारिश में कमी आएगी और बुधवार से तापमान फिर से बढ़ने लगेगा। आने वाले दिन खुश्क होंगे और तीन जून तक तापमान बढ़कर 42 डिग्री तक जा सकता है, लेकिन लू की स्थिति बनने की संभावना अभी नहीं है। दिल्ली के मौसम में आए इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विझोभ, पूर्वा हवाएं और कुछ जगहों पर बने साइक्लोनिक टर्फ का मिला-जुला कारण रहा।

उत्तर प्रदेश के विभिन्न भागों में बीते 24 घंटो के दौरान कहीं छिटपुट तो कहीं भारी वर्षा हुई है जिसके कारण गर्मी में खासी कमी रही और अधिकांश इलाकों में दिन का तापमान सामान्य से कम रहा। मौसम विभाग से मिली रिपोर्ट के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान लालगंज, शाहगंज, सुल्तानपुर और बिसौली में चार-चार सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई जबकि रामपुर, शाहजहांपुर, मेरठ, गोरखपुर, बहराइच और आगरा में एक से दो सेंटीमीटर के बीच बारिश हुई। बीते 24 घंटों के दौरान झांसी प्रदेश का सबसे गरम स्थान रहा जहां दिन का अधिकतम तापमान 41 डिग्री तक पहुंचा। फैजाबाद, बरेली ्र मुरादाबाद, मेरठ, लखनऊ, कानपुर और इलाहाबाद मंडलों में दिन का तापमान सामान्य से कम रहा। मौसम विशेषज्ञों ने आगामी 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई भागों में छिटपुट वर्षा और कुछ इलाकों में आंधी आने की संभावना जताई है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App