उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भारी बारिश की वजह से जन-जीवन पर खराब असर पड़ा है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 10 लोगों की मौत और 17 लोग घायल हो गए हैं। राज्य के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा भी बना हुआ है।

उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों में सामान्य से 19 गुना अधिक बारिश हुई। भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं के कारण खड़ी फसलों और 117 मकानों को नुकसान पहुंचा।

जलनिकासी की व्यवस्था फेल- यादव

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि शहरों में जलभराव का मुख्य कारण ज्यादा बारिश नहीं बल्कि भाजपाई भ्रष्टाचार की वजह से जलनिकासी की व्यवस्था का फेल हो जाना है। उन्होंने रविवार को कहा कि नाली से लेकर नाले तक गंदगी से जाम हैं तो पानी निकलेगा कहां से।

गोमती नदी का जलस्तर बढ़ा

कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश के कारण गोमती नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है और यह ऐतिहासिक कुड़िया घाट की सीढ़ियों तक पहुंच गया है।

इन जिलों में हुई मौत

लखीमपुर खीरी, अमेठी, बाराबंकी और गोरखपुर जिलों में लोगों की मौत हुई है। लखनऊ के चैनापुर गांव में कच्चे मकान की दीवार गिरने से एक ही परिवार के तीन लोग घायल हो गए। कन्नौज में लगातार हो रही बारिश के कारण 20 कच्चे मकान टूट गए हैं। अपर जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में किसी की मौत की सूचना नहीं है।

गोरखपुर में चार लोगों की मौत

गोरखपुर जिले में शनिवार को तेज हवा और भारी बारिश के कारण अलग-अलग स्थानों पर पेड़ गिरने से चार लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य लोग घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक, जिले के कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव के गजरहिया टोला में शाम करीब चार बजे एक पेड़ झोपड़ी पर गिर गया। इसमें सुभाष (55), महानंद की पत्नी ज्ञानमती देवी (45) और किशन प्रजापति (13) की मौत हो गई जबकि राममिलन व सिरजावती नाम की महिला गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और सहायता कार्य जारी है।

कई जिलों में रिकॉर्ड बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना तथा कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में सामान्य से 130 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया था। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित हुआ। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को रातभर हुई बारिश के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा।

अयोध्या में बारिश और तेज हवाओं का असर राम पथ, राम मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और सरयू क्षेत्र में भी देखने को मिला। ग्रामीण इलाकों में किसानों ने खड़ी फसलों को नुकसान की भी जानकारी दी है।

स्कूलों को बंद रखने का निर्देश

बारिश और फ्लैश फ्लड की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा है। अचानक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, गोरखपुर, बस्ती, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, कौशांबी और चित्रकूट शामिल हैं। रेड अलर्ट वाले और फ्लैश फ्लड की आशंका से प्रभावित जिलों में स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, शाहजहांपुर, कानपुर, लखनऊ, बाराबंकी और कई अन्य जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश हुई।

अखिलेश यादव ने साधा निशाना

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बारिश और जल-जमाव के कई वीडियो साझा किए हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के भ्रष्टाचार की नदियां गंगा एक्सप्रेसवे पर बह रही हैं।

तत्काल राहत उपलब्ध कराएं: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अतिवृष्टि के कारण हुई जनहानि और पशुहानि पर नियमानुसार तत्काल मुआवजा दिया जाए। उन्होंने बारिश के कारण जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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हर वर्ष मानसून के साथ सड़कों पर उतरता पानी व्यवस्था की उन दरारों को भी उजागर कर देता है, जिन्हें विकास के चमकदार दावों से ढक दिया जाता है। जब सड़कें जलमग्न होती हैं, तब केवल वाहन ही नहीं फंसते, नागरिकों के अधिकार और भरोसा भी उस पानी में डूबने लगते हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरा लेख।