उत्तराखंड में बेहिसाब और बेकाबू बारिश से बिगड़े हालात, कई नदियां ऊफान पर; जहां-तहां लोगों के फंसने और बचाने का सिलसिला जारी

उत्तराखंड में भारी बारिश के नदियां उभान पर है। कइ जगह सड़कें और पूल टूट गए हैं। लैंडस्लाइड और बारिश के कारण राज्य में पांच लोगों के मरने की भी खबर है। हालांकि मंगलवार को बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।

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नैनिताल जिले में बादल फटा (फोटो-ANI)

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश और लैंड स्लाइड के कारण कई लोगों की जानें भी जा चुकी हैं। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए पहले से ही अलर्ट जारी कर रखा है। इसी बारिश के दौरान एक कार पहाड़ पर पत्थरों में जा फंसी, जिसे किसी तरह से जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया।

बद्रीनाथ हाईवे पर भूस्खलन के कारण पैसेंजर सहित कार पत्थरों में जाकर फंस गई। जिसके बाद सीमा सड़क संगठन ने यात्रियों से भरी इस कार को सुरक्षित निकाल लिया। कार, ​​दो बड़े पत्थरों के बीच अटक गई थी। इसके नीचे से तेजी से पानी बह रहा था। कार के फंसने की सूचना पर पहुंची बचाव दल, काफी मेहनत के बाद इसे सुरक्षित निकालने में सफल रहा।

स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर ने बताया कि चंपावत जिले के सेलखोला में भूस्खलन के बाद घर ढह जाने से दो की मौत हो गई। साथ ही कोसी नदी में जलस्तर के बढ़ने से कई रिसॉर्ट में पानी भर गया है। कारें पूरी तरह से पानी में डूब गई है। यहां करीब 150 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए हैं। इन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू टीम भेज दी गई है। इसके अलावा नैनीताल में लैंड स्लाइड होने से 15 लोगों की मौत हो गई है।

रामगढ़ के तल्ला का पूरा इलाका बारिश के पानी में डूब गया है। लोग अपनी छत पर बैठे हैं और मदद की गुहार लगा रहे हैं। अधिकारियों ने चारधाम तीर्थयात्रियों को मौसम में सुधार होने तक हिमालय के मंदिरों में नहीं जाने की सलाह दी। रविवार तक हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंचे चारधाम तीर्थयात्रियों को मौसम में सुधार होने तक आगे नहीं बढ़ने को कहा गया है, जबकि हिमालय के मंदिरों के जाने वाले वाहनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

ऋषिकेश में यात्री गाड़ियों को चंद्रभागा पुल, तपोवन, लक्ष्मण झूला और मुनि-की-रेती भद्रकाली बैरियर पार नहीं करने दिया जा रहा है। चंपावत में नदी पर बना एक निर्माणाधीन पुल जल स्तर में वृद्धि के कारण बह गया है।

वहीं केदारनाथ मंदिर से लौटते समय भारी बारिश के बीच जंगल चट्टी में फंसे करीब 22 श्रद्धालुओं को बचाया एसडीआरएफ और पुलिस ने सुरक्षित निकाल लिया है। इन्हें गौरी कुंड में शिफ्ट कर दिया गया। इस दौरान चलने में कठिनाई का सामना कर रहे 55 वर्षीय एक भक्त को स्ट्रेचर पर ले जाया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष का दौरा कर मौसम की जानकारी ली और सड़कों व राजमार्गों की स्थिति का जायजा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की और मूसलाधार बारिश से प्रभावित राज्य की स्थिति के संबंध में जानकारी हासिल की।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मोदी को राज्य की मौजूदा स्थिति के संबंध में जानकारी दी और बताया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। प्रधानमंत्री ने भी धामी को स्थिति से निपटने के लिए हर आवश्यक मदद का आश्वासन दिया। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारी बारिश की चेतावनी के बाद राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे एहतियाती कदमों की जानकारी लेने के लिए सीएम से फोन पर बात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

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