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नए मेडिकल विधेयक के खिलाफ कर्नाटक में निजी चिकित्सकों की हड़ताल, प्रभावित हुईं स्वास्थ्य सेवाएं

भारतीय चिकित्सा संघ के कर्नाटक राज्य के अध्यक्ष एच. एन. रविंद्र ने कहा कि अधिकतर निजी अस्पताल मंगलवार को सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक अपनी ओपीडी का संचालन नहीं करेंगे।

Author बेंगलुरु | Updated: January 2, 2018 2:37 PM
New Medical Bill, Health Services, Health Services Affected, Health Services Affected in Karnataka, Strike of Private Doctors, Strike against New Medical Bill, New Medical Bill impact, State newsराज्य में सैकड़ों निजी अस्पतालों ने एनएमसी विधेयक, 2017 के खिलाफ विरोध किया है। (ANI Pic)

कर्नाटक में एक नए मेडिकल विधेयक के खिलाफ निजी चिकित्सकों की हड़ताल के कारण राज्य भर में हजारों की तादाद में बाह्य-रोगी प्रभावित रहे। राज्य में सैकड़ों निजी अस्पतालों ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) विधेयक, 2017 के खिलाफ विरोध करते हुए अपने-अपने बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) को बंद रखा। इस विधेयक के आने से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) की जगह लेगा। भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) के कर्नाटक राज्य के अध्यक्ष एच. एन. रविंद्र ने कहा कि अधिकतर निजी अस्पताल मंगलवार को सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक अपनी ओपीडी का संचालन नहीं करेंगे।

रविंद्र ने कहा, “हमारे द्वारा बुलाई गई निजी अस्पतालों की हड़ताल पर हमें अच्छी प्रतिक्रिया मिली है, जहां अस्पतालों की ओपीडी 12 घंटे तक बंद रहेगी। इसके अलावा बेंगलुरु में कुछ निजी अस्पताल जैसे अपोलो, फोर्टिस और केम्पेगौडा इंस्टीट्यूट ऑफ मैडिकल साईंसिस (केआईएमएस) में कार्य सामान्य रहा।” राज्य में यह हड़ताल आईएमए द्वारा सोमवार को एनएमसी विधेयक के खिलाफ देश भर के सभी निजी अस्पतालों से अपनी सेवाएं 12 घंटे तक बंद रखने के आह्वान के बाद हुई है। यह विधेयक लोकसभा में शुक्रवार को पेश किया गया था।

एसोसिएशन ने सोमवार को एक बयान में कहा था, “एनएमसी निजी प्रबंधन खंड समर्थक एक गरीब विरोधी विधेयक है। मेडिकल पेशे की सहमति के बिना चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा पद्धति को विनियमित करने वाला यह विधेयक किसी बड़ी परेशानी से कम नहीं होगा।” इस विधेयक में चिकित्सकों को भारतीय चिकित्सा प्रणाली के तहत चिकित्सकों को अपना पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद एलोपैथी का अभ्यास करने की अनुमति होगी।

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