ताज़ा खबर
 

नाम बदलने की ट्रांसजेंडर की याचिका हाई कोर्ट का सरकार से सवाल

सरकारी रिकॉर्ड में नाम बदलने और लिंग बदलकर पुरुष से महिला करने की एक ट्रांसजेंडर की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा है।

Author नई दिल्ली | April 15, 2016 04:36 am
दिल्ली उच्च न्यायालय (Express Photo)

सरकारी रिकॉर्ड में नाम बदलने और लिंग बदलकर पुरुष से महिला करने की एक ट्रांसजेंडर की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति मनमोहन ने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय और प्रकाशन नियंत्रक को नोटिस जारी करके शहर के एक ट्रांसजेंडर की याचिका पर जवाब मांगा है जिसने अपनी लैंगिक पहचान के आधार पर अधिकारियों द्वारा भेदभाव का आरोप लगाया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक जांच की मांग की है।

अदालत ने अपनी रजिस्ट्री को भी याचिकाकर्ता का नाम मामले के शीर्षक में बदलकर उसे ‘ए’ लिखने को कहा। मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 16 अगस्त की तारीख तय की। याचिका में दावा किया गया है कि याचिकाकर्ता एक एमटीएफ (मेल टू फीमेल: ट्रांस-सेक्सुअल) है जो अपने हुलिए, आवाज, तौर-तरीके, पहनावे के तरीके और अपनी पुरुष पहचान के बीच दोहरेपन के कारण समाज में भेदभाव का सामना करता है।

याचिकाकर्ता ने अपने वकील के माध्यम से अदालत में कहा कि विभागीय अधिकारियों ने बिना ऐसे प्रमाणपत्र के नाम बदलने की उसकी अर्जी पर विचार करने से इनकार कर दिया है जिसमें उल्लेख हो कि उसने सेक्सुअल रीएसाइनमेंट सर्जरी (एसआरएस) कराई थी। केंद्र सरकार की ओर से वकील हर्ष आहूजा ने अदालत में कहा कि याचिकाकर्ताक के उठाए गए मुद्दे ट्रांसजेंडर जन अधिकार विधेयक, 2015 के दायरे में आ सकते हैं, जो संसद में लंबित है। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता को 2005 में लैंगिक पहचान विकास की समस्या का पता चला था और तब से उसकी हार्मोन प्रतिरोपण थेरेपी चल रही है। उसका यह भी दावा है कि 19 साल की उम्र से वह महिला की तरह रह रही है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App