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हाथरस कांडः झूठ बोलने को शरारती तत्वों ने दिया था पीड़ित परिवार को 50 लाख का लालच- UP पुलिस का बड़ा दावा

यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि इस मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दी जाये क्योंकि ऐसा करने से यह सुनिश्चित हो सकेगा कि निहित स्वार्थों की खातिर इसको लेकर तरह-तरह की फर्जी और झूठी कहानियां प्रचारित नहीं हों।

Hathras gangrape, hathras case, dalit girl gangrapeयूपी पुलिस की तरफ से प्रदेश भर में इस संबंध में कुल 21 मुकदमे दर्ज किये गये हैं। (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में दलित समुदाय की महिला के साथ सामूहिक दुष्‍कर्म और उसकी मौत के मामले में यूपी पुलिस ने बड़ा दावा किया है। पुलिस का कहना है कि हाथरस की दुर्भाग्‍यपूर्ण घटना को लेकर कुछ अराजक तत्‍व बेजा लाभ लेने के लिए एक आपराधिक षड्यंत्र रच रहे हैं।

इस के तहत पूरे प्रदेश का अमन चैन बिगाड़ने और जाति विद्वेश भड़काकर प्रदेश में विधि द्वारा स्‍थापित सरकार के प्रति घृणा और अवमानना के लिए पीड़ित परिवार को भड़का रहे हैं। एक पुलिस सब इंस्पेक्टर की तरफ से दी गई तहरीर में लिखा है कि पीड़ित परिवार को गलत बयानी के लिए दबाव डाल उन्‍हें 50 लाख रुपयों का प्रलोभन देकर झूठ बोलने के लिए उकसा रहे हैं। पूर्व में दिये गये बयानों को बदलवाने का प्रयास कर हाथरस और प्रदेश की शांति को प्रभावित किया गया है।

तहरीर में यह भी लिखा है कि अपने इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए कथित अज्ञात पत्रकार ने पीड़िता के भाई से यह कहलवाने का प्रयास किया कि वह स्‍वयं अपने माता-पिता से मीडिया से यह बोलने के लिये कहे कि वे प्रशासन की कार्रवाई से संतुष्‍ट नहीं है। इसके अलावा यह भी कहलवाने का प्रयास किया कि मृतका ने उनसे सामूहिक बलात्कार की बात कही थी। जबकि पीड़ित परिवार की ओर से दी गई पहली तहरीर में पीड़ित युवती और उसके परिवारवालों ने सिर्फ मारपीट की बात कही थी।

पुलिस सब इंस्पेक्टर ने यह भी लिखा है कि विधि विज्ञान प्रयोग शाला तथा मेडिकल रिपोर्ट में भी दुष्‍कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। तहरीर के मुताबिक परिवार को प्रलोभन देकर बरगलाने से परिवार ने बाद में दुष्‍कर्म की बात कही। इसी कुत्सित योजना के तहत एक अज्ञात नेता ने, जिसका ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

पीड़िता की रिश्‍तेदार महिला के जरिये परिवार पर दबाव डाला कि वे लोग कहें कि सरकार की कार्रवाई से संतुष्‍ट नहीं हैं। इसके अलावा मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ का एक फर्जी बयान भी प्रसारित किया गया है। यह जातीय विद्वेष फैलाने की साजिश है। मालूम हो कि पुलिस ने जिले के चंदपा थाने में जाति आधारित संघर्ष की साजिश, सरकार की छवि बिगाड़ने के प्रयास और माहौल बिगाड़ने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है।

इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रदेश भर में इस संबंध में कुल 21 मुकदमे दर्ज किये गये हैं। दिल्‍ली से हाथरस जा रहे एक संगठन से जुड़े चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्‍यवस्‍था) प्रशांत कुमार के मुताबिक हाथरस प्रकरण में हाथरस जिले के विभिन्‍न थाना क्षेत्रों में छह मुकदमों के अलावा सोशल मीडिया के विभिन्‍न प्‍लेटफार्म पर आपत्तिजनक टिप्‍पणी को लेकर बिजनौर, सहारनपुर, बुलंदशहर, प्रयागराज, हाथरस, अयोध्‍या, लखनऊ आयुक्तालय में कुल 13 मामले दर्ज किये गए हैं।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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