ताज़ा खबर
 

‘मोदी के प्रति घृणा’ विपक्षी दलों को एक साथ बांधे रखने का एकमात्र कारक है: नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष के प्रस्तावित महागठबंधन को अपने प्रतिद्वन्द्वियों की प्रधानमंत्री बनने का महादौड़ करार दिया जो निजी अस्तित्व और सत्ता की राजनीति से प्रेरित है।

Author July 3, 2018 6:13 PM
पीएम नरेंद्र मोदी (फोटोः ANI)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष के प्रस्तावित महागठबंधन को अपने प्रतिद्वन्दियों की प्रधानमंत्री बनने का महादौड़ करार दिया जो निजी अस्तित्व और सत्ता की राजनीति से प्रेरित है। मोदी ने ‘स्वराज्य’ पत्रिका को दिये साक्षात्कार में कहा कि विपक्ष के पास उन्हें हटाने के अलावा कोई और एजेंडा नहीं है और ‘‘मोदी के प्रति घृणा’’ इन्हें बांधे रखने का एकमात्र कारक है। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अगले लोकसभा चुनाव में लोग भाजपा को जनादेश देकर सत्ता में दोबारा लायेंगे।

कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा खारिज कर दिये जाने के बाद मुख्य विपक्षी पार्टी अब अपने अस्तित्व के लिये संघर्ष कर रही है और अपने सहयोगियों की तलाश में हर ओर जा रही है। प्रधानमंत्री ने अगले लोकसभा चुनाव को सुशासन एवं विकास तथा अफरातफरी के बीच पसंद बनाने का मुकाबला बताया। उन्होंने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस और जदएस ने सरकार बनाने के लिये जनादेश हथिया लिया और विकास का मुद्दा पीछे चला गया।

कर्नाटक को झलकी करार देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी चुनाव में बिना विचारधारा और अवसरवादी गठजोड़ अफरातफरी की गारंटी होता है।’’ उन्होंने कहा कि आप उम्मीद करते हैं कि मंत्रियों की बैठक विकास के मुद्दों का निपटारा करने के लिये होगी लेकिन कर्नाटक में वे आपसी लड़ाई को सुलझाने के लिये बैठक करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा विकास और सुशासन के मुद्दे पर चुनाव लड़ती है और एक के बाद एक राज्य में उसे मिल रहा जनादेश ऐतिहासिक है।

उन्होंने कहा, ‘‘और इसलिये मुझे विश्वास है कि लोग हमारे उपर भरोसा करेंगे। उनका (विपक्ष) मोदी को हटाने के अलावा और कोई एजेंडा नहीं है। मोदी के प्रति धृणा उन्हें एकसाथ जोड़े रखने का एकमात्र कारक है।’’ प्रधानमंत्री ने विपक्ष की एकजुटता के प्रयासों की तुलना 1977 और 1989 के चुनाव के समय विपक्ष की पहल से करने को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि 1977 में आपातकाल के बाद लोकतंत्र को बचाने के लिये विपक्षी दल साथ आए थे और उसके 12 वर्ष बाद बोफोर्स से जुड़े भ्रष्टाचार ने पूरे देश को आहत किया था।

मोदी ने कहा कि आज जो गठबंधन की बात हो रही है, वह अपने अस्तित्व और सत्ता की राजनीति से प्रेरित है। इनका देशहित से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का पूरा ध्यान सत्ता की राजनीति पर है जहां राहुल गांधी कह रहे हैं कि वह प्रधानमंत्री बनने के लिये तैयार हैं, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की भी इस पद पर नजर है लेकिन वामदलों को उनसे समस्या है।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सोचती है कि उसके नेता किसी अन्य की बजाए प्रधानमंत्री बनने के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि इन दलों के नेताओं की आपसी नापसंदगी और अविश्वास कितने समय तक एक दूसरे को साथ रख सकता है। यह पूछे जाने पर कि राजग के सभी सहयोगी दल क्या साथ हैं और क्या राजग आज कमजोर हुई है, प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि उनकी पार्टी गठबंधन को मजबूरी नहीं बल्कि विश्वास के प्रतीक के रूप में देखती है। उन्होंने कहा कि बड़ा और विविधतापूर्ण राजग भारतीय लोकतंत्र के लिये अच्छा है और क्षेत्रीय आकांक्षाओं का सम्मान करना सबसे जरूरी है। राजग इसे पूरा करने के लिये प्रतिबद्ध है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App