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पीएम की सलाह पर हरियाणा की एक कोर्ट ने लिया फैसला, ई-मेल और फैक्स के बाद अब ऐसे भेजा जाएगा समन

कृष्ण से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उसने अपना काठमांडू का पता देने से इंकार कर दिया।
वरिष्ठ आइएएस अधिकारी अशोक खेमका (फाइल फोटो)

हरियाणा में अर्ध न्यायिक निकाय, वित्तीय कमिश्नर कोर्ट ने फैसला किया है कि अब लोगों को व्हाट्सअप के जरिए समन भेजा जाएगा। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका द्वारा यह निर्देश दिया गया। देश में ऐसा पहली बार होने जा रहा है जहां पर व्हाट्सअप के जरिए लोगों को समन जारी किया जाएगा। बता दें कि अभी इलेक्ट्रोनिक के रूप में ई-मेल और फैक्स के द्वारा समन भेजा जाता है। इस फैसले के बाद इलेक्ट्रोनिक की दुनिया में कम्यूनिकेशन के लिए यह एक क्रांतिकारी कदम है। एक अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार ई-मेल और फैक्स के जरिए समन भेजने पर काफी दिक्कतें आती है। दूसरे पक्षों को समन काफी देरी से मिलता है जिसके कारण कार्रवाई में कठिनाई होती है।

अधिकारी ने बताया यह फैसला उस समय लिया गया जब हिसार के औरांग शाहपुर गांव निवासी तीन भाइयों के संपत्ति विवाद को लेकर कोर्ट सुनवाई कर रही थी। सतबीर सिंह का अपने भाई रामदयाल और कृष्ण कुमार के साथ काफी समय से पुश्तैनी संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। कोर्ट ने रामदयाल और कृष्ण कुमार को नोटिस जारी कर इस मामले पर अपना जवाब देने को कहा। रामदयाल को समन मिला लेकिन कृष्ण के काठमांडू में शिफ्ट हो जाने के कारण उसे समन नहीं मिल सका। कृष्ण से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उसने अपना काठमांडू का पता देने से इंकार कर दिया।

इसके बाद गुरुवार को अशोक खेमका ने यह निर्देश पास किया, चूंकि कृष्ण का ई-मेल और फोन नंबर पहले से ही कोर्ट के पास मौजूद थे इसलिए समन की फोटों खींचकर जिसपर कोर्ट की सील लगी हुई थी उसे कृष्ण के नंबर पर व्हाट्सअप कर दिया गया। समन की डिलीवरी रिपोर्ट का प्रिंट कोर्ट ने संभालकर रख लिया है जिससे कि साबित हो सके कि कृष्ण को समन प्राप्त हो चुका है। कोर्ट के इस प्रयास के बाद समन पहुंचने मे होने वाली देरी को आसानी से रोका जा सकता है। आपको बता दें कि इलाहबाद कोर्ट के एक कार्यक्रम के दौरन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कोर्ट की कार्यवाही में ज्यादा से ज्यादा तकनीक का इस्तेमाल किया जाए।

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