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बुर्के में रहकर हाईटेक हो रहीं मेवात की मुसलिम महिलाएं

इन महिलाओं को हाईटेक बनाने का बीड़ा ‘सेल्फी विद डॉटर’ के जनक जींद के सुनील जागलान ने ‘हाईटेक अंडर बुर्का’ अभियान के तहत उठाया है।

Author चंडीगढ़ | September 6, 2017 4:54 AM
प्रतिकात्‍मक तस्वीर।

संजीव शर्मा  

तीन तलाक से छुटकारे के बाद मुसलिम महिलाएं अब हाईटेक होने की तैयारी में हैं। बुर्के में रहकर भी वे समाज की अग्रिम कतार में खड़ी होकर महिला सशक्तिकरण का संदेश देने को आतुर हैं। ये महिलाएं अब कंप्यूटर, इंटरनेट, फेसबुक और वाट्सऐप जैसी सोशल साइटों को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रही हैं। इन महिलाओं को हाईटेक बनाने का बीड़ा ‘सेल्फी विद डॉटर’ के जनक जींद के सुनील जागलान ने ‘हाईटेक अंडर बुर्का’ अभियान के तहत उठाया है। जागलान के इस प्रयास में उनकी सहयोगी बनीं हैं मेवात के गांव रोजका मेव की शबनम और वसीमा। पूर्व राष्टÑपति प्रणब मुखर्जी द्वारा गुरुग्राम तथा मेवात जिलों में गोद लिए गए सौ गावों में बीबीपुर मॉडल लागू करने निकले सुनील जागलान जब इन मुसलिम महिलाओं को बीबीपुर मॉडल के बारे में समझा रहे थे तो उन्हें मेवात की महिलाओं की वास्तविक स्थिति का अंदाजा हुआ। देश की दूसरी आइटी राजधानी के रूप में स्थापित हो चुके गुरुग्राम से महज 50 किलोमीटर दूर बसे मेवात में सुनील जागलान को अपना इरादा अंजाम तक पहुंचाने में ढेरों दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुरुष प्रधान समाज को महिलाओं का तकनीक से जुड़ना रास नहीं आया। उन्होंने विरोध किया तो मिशन पहले ही चरण में रुक गया।

बकौल सुनील जागलान उन्होंने मेवात में एक संगठन के जरिए पहले कुछ महिलाओं को बिजली से चलने वाली आधुनिक सिलाई मशीनों पर सिलाई-कढ़ाई सिखाकर उनका तथा यहां के पुरुषों का धार्मिक व सामाजिक विश्वास जीता। रोजका मेव के सरकारी स्कूल की इमारत में चल रहे इस केंद्र की अधिकतर महिलाएं तथा लड़कियां कम पढ़ी-लिखी थीं। सुनील ने जब अपने प्रयासों से उन्हें पहली बार कंप्यूटर से रूबरू कराया तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। यहां भी धर्म व समाज के कुछ ठेकेदारों ने बाधाएं पैदा कीं।  इसके बाद सुनील ने इन महिलाओं को कंप्यूटर सिखाना शुरू किया। साथ ही उन्होंने यहां कुछ अग्रणी लड़कियों के साथ एक टीम ‘लाडो’ बनाई। यह टीम मुसलिम महिलाओं को जनसंख्या वृद्धि तथा अन्य सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें समाज में बराबरी का दर्जा दिलाने की दिशा में काम कर रही है। तमाम बाधाओं के बावजूद आज रोजका मेव में शुरू हुए ‘हाईटेक अंडर बुर्का’ अभियान में 28 महिलाएं अथवा युवतियां शामिल हो चुकी हैं। बगैर किसी सहयोग और सहायता के महिलाओं के लिए मुफ्त प्रशिक्षण चला रहे सुनील के अनुसार ‘सेल्फी विद डॉटर’ की तरह वह इस मुहिम को देशभर में एक मिशन की तरह चलाना चाहते हैं।

 

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