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हरियाणा: कश्‍मीरी छात्र ने कटवा दी दाढ़ी, बोला- शक की नजरों से देखते हैं सब

आत्मघाती हमले में कम से कम चालीस सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने के बाद पिछले छह महीनों से हरियाणा की यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे आकिब ने सबसे पहले अपनी दाढ़ी कटवा ली।

Author Published on: February 17, 2019 3:09 PM
MMUयूनिवर्सिटी परिसर में पुलिस से मुखातिब होते कश्मीरी छात्र। (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

हरियाणा की महर्षि मारकंडेश्वर युनिवर्सिटी (MMU) में पढ़ रहे कश्मीरी छात्र आकिब (25) पुलवामा आतंकी हमले के बाद शनिवार (16 फरवरी, 2019) को क्लास में नहीं गए। आत्मघाती हमले में कम से कम चालीस सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने के बाद पिछले छह महीनों से हरियाणा की यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे आकिब ने सबसे पहले अपनी दाढ़ी कटवा ली। दाढ़ी कटवाने की बात पर आकिब कहते हैं, ‘यहां एक भयावह भय का माहौल है और आपको सब शक की नजर से देखते हैं। इन्हीं वजहों से मैंने अपनी दाढ़ी कटवा ली। पहले कभी हमने ऐसे हालात नहीं देखे। हम अकेले कहीं बाहर नहीं जाना चाहते। डर पैदा करने के लिए रात के करीब दो बजे कुछ छात्रों के दरवाजे भी खटखटाए गए।’

बता दें कि अंबाला जिले में मुलाना गांव के सरपंच ने उन मकान मालिकों को चौबीस घंटे का समय दिया, जिन्होंने कश्मीरी छात्रों को अपने यहां किराए पर रखा है। सरपंच ने पुलवामा हमले का हवाला देते हुए कहा कि सभी कश्मीरियों से जल्द से जल्द मकान खाली कराए जाएं। सरपंच के इस फरमान के बाद MMU कैंपस के आसपास दहशत का माहौल पैदा हो गया।

इस बीच, मुलाना और आस-पास के गांवों में रहने वाले लगभग 110 कश्मीरी छात्रों ने वैकल्पिक आवास की तलाश शुरू कर दी, जबकि लगभग 400 से अधिक छात्र परिसर के भीतर रहे। इन्होंने कक्षाएं भी नहीं लीं और हॉस्टल से बाहर निकलने से इनकार कर दिया। हालांकि शनिवार देर शाम को करीब पचास सुरक्षाकर्मी यूनिवर्सिटी हॉस्टल के बाहर खड़े नजर आए। कश्मीरी छात्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि जबसे पुलवामा हमला हुआ वह बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। अब उनमें से लगभग 20 छात्र बाहर चले गए और पंजाब के राजपुरा में अपने दोस्तों के यहां रुके हुए हैं। मालमे में यूनिवर्सिटी प्रशासन की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी मगर अधिकारियों को परिसर में विभिन्न छात्रावासों में प्रभावित छात्रों से बातचीत करते देखा गया।

बता दें कि शुक्रवार को मुलाना सरपंच नरेश चौहान ने लोगों से कहा, ‘मुलाना में किराए के घरों में रह रहे कश्मीरी छात्राओं और छात्रों को 24 घंटे की भीतर बाहर निकाल फेंको। मत भूलों की तुम बारूद के ड्रम पर बैठे हो। उनकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं। उनमें तीन लड़के बड़े आतंकवादियों के छोटे भाई हैं। जब हमारे जवान कश्मीर में शहीद हुए इन छात्रों ने खुशिया मनाई और क्लास में मिठाई बांटी। यह शर्म की बात है।’ सरपंच ने  आगे कहा कि जो इन छात्रों को आश्रय देते हैं उन्हें गांव और देश का गद्दार घोषित किया जाएगा।

सरंपच के इस बयान के बाद करीब 110 कश्मीरी छात्रों को उनके मकान मालिकों ने घर खाली करने के लिए कह दिया। कुछ छात्रों ने शनिवार को बताया कि कुछ मालिकों ने उन्हें जबरन घर से बाहर निकाल दिया। सूत्रों के मुताबिक मिली जानकारी के मुताबिक इस दौरान कुछ छात्रों पर हमला भी किया गया।

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