ताज़ा खबर
 

पद्मावत विवाद: पांच दिन की पुलिस रिमांड पर करणी सेना का जिलाध्यक्ष, स्कूल बस पर हमले का है आरोप

भोंडसी का रहने वाले आरोपी देवेंद्र के खिलाफ पुलिस ने धारा 107 और सीआरपीसी की धारा 151 के तहत मामला दर्ज किया है। जांच के दौरान जीडी गोयंका की स्कूल बस पर प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव किए जाने के मामले में आरोपी देवेंद्र की भागदारी पाई गई है।

Author गुरुग्राम | January 30, 2018 17:27 pm
करणी सेना के कार्यकताओं ने स्कूल बस पर हमला किया था।

संजय लीला भंसाली निर्मित फिल्म ‘पद्मावत’ के विरोध में 24 जनवरी को भड़की हिंसा में करणी सेना के सदस्यों ने बच्चों से भरी स्कूल बस पर हमला कर दिया था। सोमवार को पुलिस ने इस हमले के आरोप में करणी सेना के जिलाध्यक्ष को गिरफ्तार कर लिया जिसे पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। भोंडसी का रहने वाले आरोपी देवेंद्र के खिलाफ पुलिस ने धारा 107 और सीआरपीसी की धारा 151 के तहत मामला दर्ज किया है। जांच के दौरान जीडी गोयंका की स्कूल बस पर प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव किए जाने के मामले में आरोपी देवेंद्र की भागदारी पाई गई है। इतना ही नहीं फिल्म के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शन में बस जलाने के मामले में भी आरोपी शामिल था।

इस हमले के बाद करणी सेना की खूब आलोचना हुई थी जिसके बाद इस संगठन के चीफ लोकेंद्र सिंह कलवी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था कि उनका संगठन कभी भी बच्चों को नुकसान नहीं पहुंचा सकता। इतना ही नहीं उन्होंने इस हमले के पीछे संजय लीला भंसाली और उनकी टीम का हाथ बताया था। प्रेम कान्फ्रेंस में कलवी ने कहा था कि “भंसाली ने अपने आदमियों को भेजकर गुरुग्राम में धार्मिक माहौल खराब कराया है।”

कलवी ने कहा था “करणी सेना कभी भी बच्चों पर हमला नहीं कर सकती। हम मासूम और प्यारे से दिखने वाले बच्चों पर हमला करने के बारे में सोच भी नहीं सकते। मैं फिर से कहता हूं कि राजपूत कभी भी इस तरह का हमला नहीं करते हैं और न किसी हिंदू पर क्योंकि हमारा धर्म हमें कभी नहीं सिखाता कि हम इस प्रकार कायर की तरह हमला करें।” आपको बता दें कि गुरुग्राम में भड़की हिंसा के बाद एसआईटी को मामले की जांच के लिए गठित किया गया था। इस मामले में पुलिस अबतक 38 लोगों को हिरासत में ले चुकी है। वहीं अफवाहों को दरकिनार करते हुए पुलिस ने अपने एक बयान में यह भी बताया था कि इस हमले में कोई भी मुस्लिम व्यक्ति शामिल नहीं था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App