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हरियाणा: आरक्षण को लेकर आंदोलन के दौरान हुआ नुकसान तो आंदोलनकारियों से होगी वसूली, जाट नेताओं को भेजा गया नोटिस

रियाणा में 29 जनवरी से आरक्षण का आंदोलन चल रहा है। सरकार को आशंका है कि पिछले साल की तरह आंदोलन गंभीर रूप धारण बाकी कर सकता है।

Author चंडीगढ़ | March 16, 2017 2:19 AM
जाट आंदोलन की एक तस्वीर

हरियाणा में आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे जाटों ने अगर इस बार किसी तरह का उपद्रव करते हुए करते सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तो सरकार ने उनसे ही भरपाई की तैयारी कर ली है। हरियाणा सरकार ने जाटों की संपत्ति का ब्योरा जुटा लिया है। सरकार ने किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए हरियाणा के सैकड़ों जाट नेताओं को नोटिस भेजकर चेतावनी दे दी है। हरियाणा में 29 जनवरी से आरक्षण का आंदोलन चल रहा है। सरकार को आशंका है कि पिछले साल की तरह आंदोलन गंभीर रूप धारण बाकी कर सकता है। पिछले साल हुए आंदोलन में करोड़ों रुपए की संपत्ति नष्ट हो गई थी जिसकी भरपाई के लिए अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। पिछले साल हुए विवाद के बाद प्रदेश सरकार ने अब पहले से ही एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। एक तरफ जाट समुदाय के लोग आंदोलन पर हैं तो दूसरी तरफ सरकार ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, हरियाणा सरकार ने जींद, रोहतक, कैथल, सोनीपत, झज्जर आदि जिलों में सक्रिय जाट नेताओं की संपत्ति का ब्योरा हासिल कर लिया है। यह ब्योरा जिलों में तैनात तहसीलदारों, सहकारी, सरकारी और निजी क्षेत्र के बैंकों आदि के माध्यम से जुटाया गया है।

सरकार ने संपत्ति का ब्योरा जुटाने के बाद जाट नेताओं को नोटिस भी जारी करने शुरू कर दिए हैं। सूत्रों की मानें तो प्रदेश में अब तक करीब 400 जाट नेताओं को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके तहत जींद जिले में 30, कैथल में 100, हिसार में 90, सोनीपत में 35 और रोहतक में 100 के करीब जाट प्रतिनिधियों को नोटिस भेजे गए हैं। इन नोटिसों में सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर कोई जाट प्रतिनिधि आंदोलन में भाग लेता है तो वह अपनी जिम्मेदारी पर ही इसमें जाएगा। सरकार ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अपने तंत्र के माध्यम से इन धरनों पर बाकायदा नजर रखी जा रही है।ऐसे में अगर आंदोलन के दौरान किसी तरह का उपद्रव होता है और सरकारी गैर-सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाता है तो उसकी वसूली आंदोलनकारियों से ही की जाएगी। हरियाणा सरकार द्वारा नोटिस भेजे जाने की पुष्टि करते हुए खापों के राष्ट्रीय अध्यक्ष नफे सिंह नैन ने कहा कि इस विवाद का हल कैसे करना है, यह सरकार के अधिकार क्षेत्र में है, लेकिन जाट शांतिपूर्वक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अभी तक जाटों द्वारा किसी भी तरह से माहौल खराब करने का प्रयास नहीं किया गया है।

 

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