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जेल भरो आंदोलन कर इनेलो बोली- केंद्र में बनेगी थर्ड फ्रंट की सरकार, मायावती होंगी पीएम उम्मीदवार

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा दलितों के घरों में खाना खाने को महज नौटंकी करार देते हुए चौटाला ने कहा कि मुख्यमंत्री अगर दलितों के इतने हमदर्द हैं तो बताएं कि उनके घर में कितने दलित रसोइये हैं जबकि मेरे घर में तो खाना परोसने वाला तक दलित है।

अभय चौटाला ने दी सरकार को धमकी सब्र की परीक्षा न ले।

इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने हरियाणा में सहयोगी बसपा के साथ मिलकर भिवानी में एसवाईएल के पानी को लेकर आज जेल भरो आंदोलन की शुरूआत की। दोनों दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जेल भरो आंदोलन के तहत यहां गिरफ्तारियां दी और सरकार को चेतावनी दी कि जब तक हरियाणा को सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के पानी का अपना हक नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि अपने पहले ही शक्ति प्रदर्शन में इनेलो बड़ी संख्या में भीड़ नहीं जुटा सकी और रैली के लिए लगाया गया तंबू पूरा नहीं भर सका।

इस मौके पर हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला, उनके भतीजे और लोकसभा सांसद दुष्यंत चौटाला, प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा और बसपा प्रभारी प्रकाश भारती समेत दोनों दलों के नेता एकत्रित हुए। इस मौके पर अभय चौटाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर लोगों को गुमराह करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष कहता है कि देवीलाल और बादल परिवार के आपसी रिश्तों की वजह से नहर नहीं बनी मगर सच तो ये है कि कांग्रेस ने इस मामले में हीलाहवाली की। अब भाजपा इस मामले को लेकर लोगों को गुमराह कर रही है।

उन्होंने कहा कि किसी न किसी बहाने से सरकार मामले को लटकाने का काम कर रही है। उन्होंने यह दावा भी किया कि तीसरे मोर्चे का गठन होगा और प्रदेश में इनेलो तथा केन्द्र में बसपा प्रमुख मायावती के नेतृत्व में सरकार बनेगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा दलितों के घरों में खाना खाने को महज नौटंकी करार देते हुए चौटाला ने कहा कि मुख्यमंत्री अगर दलितों के इतने हमदर्द हैं तो बताएं कि उनके घर में कितने दलित रसोइये हैं जबकि मेरे घर में तो खाना परोसने वाला तक दलित है।

बता दें कि अगले साल हरियाणा में भी विधानसभा चुनाव होने हैं। इस लिहाज से इंडियन नेशनल लोकदल और बहुजन समाज पार्टी ने कुछ दिनों पहले ही गठजोड़ किया है। हरियाणा में हाल के दिनों में दलितों पर बढ़ती हिंसा की घटनाओं का दोनों दलों ने पुरजोर विरोध किया है। इसके अलावा दोनों पार्टियां लोकसभा का चुनाव भी साथ-साथ लड़ने का प्लान बना चुकी है। हाल के दिनों में मायावती उत्तर प्रदेश से बाहर निकल राजनीतिक रूप से ज्यादा सक्रिय हुई हैं। कर्नाटक में भी मायावती ने एच डी देवगोड़ा की पार्टी जेडीएस से चुनावी गठबंधन किया है। अब माना जा रहा है कि बसपी मध्य प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ेगी।

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