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हिंदूवादी संगठनों की नई मांग- गुरुग्राम में केवल पांच जगहों पर पढ़ने दी जाए नमाज, मंदिरों के करीब नहीं

हिंदूवादी संगठनों ने गुरुग्राम प्रशासन से कहा कि खुले में नमाज पढ़ने की जगह की संख्या पांच तक सीमित कर दी जाए। कोई भी जगह किसी मन्दिर से 2 किमी के दायरे में न हो। खुले में नमाज पढने वाले लोगों की नागरिकता की जांच की मांग भी की है।

गुरुग्राम में खुले में नमाज पढ़ने की घटना पर सीएम खट्टर ने प्रतिक्रिया दी थी।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार (6 मई) को कहा था,’नमाज खुले में नहीं अदा की जानी चाहिए।’ उनके इस बयान से शह पाकर गुरुवार को गुरुग्राम के हिन्दुत्व वादी संगठनों ने अपनी मांगें और बढ़ा दी हैं। बुधवार (9 मई) को उन्होंने गुरुग्राम प्रशासन से कहा कि खुले में नमाज पढ़ने के लिए नियत स्थानों की संख्या पांच तक सीमित कर दी जाए। इनमें से कोई भी जगह किसी मन्दिर से 2 किमी के दायरे में नहीं होनी चाहिए। संगठनों ने खुले में प्रार्थना करने वाले लोगों की नागरिकता के दस्तावेजों की जांच की मांग भी की है। ये सभी संगठन एक संयुक्त संगठन के तहत एकजुट हो गए हैं। इस संगठन का नाम संयुक्त हिन्दू संघर्ष समिति है। यही संगठन गुरुग्राम में खुले में नमाज पढ़े जाने का विरोध कर रहा है। ये नई मांगें उन नौ सूत्री मांगों का हिस्सा हैं, जिन्हें बैठक के बाद गुरुग्राम प्रशासन को सौंपा गया है।

बुधवार (9 मई) को संयुक्त हिन्दू संघर्ष समि​ति के नेता महावीर भारद्वाज मीडिया के सामने आए। भारद्वाज ने कहा,’ प्रशासन को नमाज पढ़ने की जगह तय कर देनी चाहिए। लेकिन ये जगहें पांच से अधिक न हों और मन्दिर से 2 किमी की परिधि में न आती हों।’ भारद्वाज विश्व हिन्दू परिषद, अखिल भारतीय हिन्दू क्रान्ति दल, बजरंग दल, हिन्दू जागरण मंच, संस्कृति गौरव समिति, स्वदेशी जागरण मंच, भारत बचाओ अभियान और संस्कार भारती की ओर से संयुक्त बयान दे रहे थे।

भारद्वाज का ये भी कहना है कि प्रशासन को नई जगहें तय करने से पहले उनकी राय भी लेनी चाहिए। महावीर भारद्वाज ने कहा,’हर शुक्रवार को खुले मैदान में अदा की जाने वाली नमाज के वक्त पहले से कहीं अधिक तादाद में नए लोग यहां शामिल होने आ रहे हैं। ये अवैध रूप से रह रहे शरणार्थी भी हो सकते हैं।’ इन संगठनों ने बीते शुक्रवार को नमाज के वक्त पूरे शहर में घूमकर नारेबाजी की थी। संगठन के कार्यकर्ताओं ने ‘बांग्लादेशी वापस जाओ’ के नारे भी लगाए थे।

गौर करने वाली बात यह भी है कि पूरे हरियाणा में ​बिल्डिंग निर्माण का काम बड़े पैमाने पर चल रहा है। सिर्फ गुरुग्राम में ही करीब 1200 से ज्यादा निर्माणाधीन इमारतें हैं। इन निर्माण कार्यों में सरकारी काम जैसे अंडरपास, सड़कें, फ्लाई ओवर वगैरह शामिल नहीं हैं। इसलिए पूरे शहर में निर्माण कार्यों के लिए बड़ी संख्या में मजदूरों की जरूरत है। इसलिए बड़ी संख्या में दूसरे राज्य से कामगार शहर में काम पाने के लिए आते हैं।

बता दें कि पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए रविवार (6 मई) को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा था,’ ये देखा गया है कि खुले में नमाज पढ़ने वालों की तादाद बढ़ रही है। लेकिन ये सिर्फ उन्हीं जगहों पर होना चाहिए, जहां तय किया गया है। नमाज को मस्जिद और ईदगाह में ही पढ़ा जाना चाहिए। लेकिन अगर जगह की कमी पड़ती है तो मुस्लिम समुदाय अपने निजी स्थानों में नमाज अदा कर सकता है। कानून—व्यवस्था बनाए रखना राज्य का कर्तव्य है। हम अपने कर्तव्य का पालन करेंगे।’

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