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व्‍हाट्सएप पर शेयर की पीएम मोदी की ‘असभ्‍य’ फोटो, शिकायत पर उत्‍तराखंड से गिरफ्तार कर लाई हरियाणा पुलिस

आरोपी को गिरफ्तार कर टोहाना लाया गया जिसके बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हिसार भेज दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो सोर्स- एएनआई ट्विटर)

हरियाणा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और फतेहबाद जिले के टोहाना से विधायक सुभाष बराला के क्षेत्र से एक पार्टी कार्यकर्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि 15 नंवबर को उसके व्हाट्सएप पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक तस्वीर भेजी गई थी। कार्यकर्ता ने इसके पीछे शाकिब नाम के एक दर्जी का हाथ बताया था जिसके बाद पुलिस ने उसे उत्तराखंड से गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले पर बात करते हुए देहरादून की सीनियर एसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि 18 नवंबर को हरियाणा पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस से शाकिब को गिरफ्तार करने करने की बात कही थी। यह केस पूरी तरह से हरियाणा की टोहना थाने की पुलिस द्वारा हैंडल किया गया है।

शाकिब को गिरफ्तार करने वाली टीम का नेतृत्व करने वाले टोहाना पुलिस थाने के एसएचओ प्रदीप कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि हम उत्तराखंड पुलिस की मदद से आरोपी को ट्रैस करने में कामयाब हुए हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर टोहाना लाया गया जिसके बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हिसार भेज दिया गया है। फिलहाल इस मामले को सब-इंस्पेक्टर रमेश चंद्र देख रहे हैं। रमेश ने बताया कि अभीतक कोई भी आरोपी की बेल कराने नहीं आया है। टोहाना के प्रताप कॉलोनी के रहने वाले मुकेश कुमार ने उनके व्हाट्सएप ग्रुप पर आपत्तिजनक मैसेज आने के बाद सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट के पास शिकायत की थी। हमारे पास शिकायत 18 नवंबर को आई जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई। रमेश ने बताया कि पूछताछ में आरोपी शाकिब ने कबूल कर लिया है कि उसी ने आपत्तिजनक मैसेज शेयर किया था।

उत्तराखंड के शाहपुर-कल्याणपुर गांव के रहने वाले 19 वर्षीय निवासी शाकिब की गिरफ्तार ने स्थानीय लोगों को अचंभित किया है। स्थानीय निवासी शाबिर हुसैन का कहना है कि जब पुलिस शाकिब को गिरफ्तार करके ले जा रही थी तो वे अपनी दुकान पर थे जो कि शाकिब की दुकान के बराबर में है। शाबिर ने कहा कि उसे नहीं पता की व्हाट्सएप पर कोई मजाक वाला मैसेज शेयर करने का क्या परिणाम होगा। वहीं दर्जी के तौर पर जिस दुकान पर शाकिब काम करता था उसके मालिक अशोक कुमार ने बताया कि पिछले छह महीने से शाकिब यहां रह रहा था। बीच में वह गांव छोड़कर चला गया था और नवंबर में ही वह वापस आया था। अशोक कुमार ने कहा कि मैंने शाकिब को शरीफ लड़का समझकर काम पर रखा था।

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