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हरियाणा बीफ विवाद में नाबालिग की मौत, आरोपी बोला- मैं तो नशे में था, दोस्तों ने किया था बीफ वाला कमेंट

घटना मामले में 18 साल के पीड़ित मोहसिन ने बताया, 'सबकुछ सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) की आंखों के सामने हो रहा था। लेकिन उन्होंने हमारी मदद करने से इंकार कर दिया।
हरियाणा की लोकल ट्रेन में बैग में बीफ रखने के शक में कथित तौर पर आक्रोशित भीड़ द्वारा गुरुवार रात (22 जून, 2017) एक युवक की हत्या कर दी गई जबकि कई लोगों को गंभीर चोटें आईं। (फोटो सोर्स एएनआई)

हरियाणा की लोकल ट्रेन में बैग में बीफ रखने के शक में कथित तौर पर आक्रोशित भीड़ द्वारा गुरुवार रात (22 जून, 2017) एक युवक की हत्या कर दी गई जबकि कई लोगों को गंभीर चोटें आईं। वहीं भीड़ द्वारा नाबालिग युवक की हत्या मामले में अब नया मोड़ आ गया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के हवाले से पीड़ित परिवार ने बताया, ‘परिवार के पांच सदस्य दिल्ली से ईद की खरीदारी कर अपने घर ईद मनाने के लिए जा रहे थे। इस दौरान ट्रेन में सीट विवाद को लेकर झगड़ा हुआ जो बाद में सांप्रदायिक हिंसा में बदल गया।’ रिपोर्ट के अनुसार मृतक शख्स की पहचान हाफिज जुनैद की रूप में की गई है। दूसरी तरफ हत्या से जुड़ मामले में शुक्रवार को पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने अपने जुर्म को कबूल कर लिया है।

पुलिस के अनुसार 15-20 लोगों का ग्रुप मथुरा के पास ट्रेन में चढ़ा। जहां सीट विवाद को लेकर हुई बहस हिंसा में बदल गई। इस दौरान कुछ लोगों ने मुस्लिम युवाओं को राष्ट्र विरोधी और गोमांस खाने वाला कहकर संबोधित किया। जिसके बाद उनकी टोपी को उतारकर ट्रेन के फर्श पर फेंक दिया, उनकी दाढ़ी खींची और भद्दी गालियां दीं। दूसरी तरफ घटना से जुड़े एक आरोपी ने बताया ने शनिवार (24 जून, 2017) को मीडिया से कहा कि हिंसा मैं मुस्लिम युवक के मारे जाने पर उसे गहरा दुख है क्योंकि उस रात वो शराब के नशे में था। दूसरी तरफ हरियाणा के डीजीपी बीएस संधू ने हिंसा में बीफ विवाद को मुख्य वजह होने पर नकारा है। उन्होंने आगे कहा कि ये साफ तौर पर दो ग्रुप में हुई लड़ाई थी जो बाद में गंभीर हिंसा में बदल गई और इसमें एक शख्स की जान चली गई। हम घटना के मामले में एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर चुके हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है, अन्य आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ये जानकारी टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से है।

वहीं घटना मामले में 18 साल के पीड़ित मोहसिन ने बताया, ‘सबकुछ सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) की आंखों के सामने हो रहा था। लेकिन उन्होंने हमारी मदद करने से इंकार कर दिया। हमने कई बार पुलिस को मदद के लिए बुलाया। आपातकालीन नंबर्स पर भी फोन किया लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला।’ हालांकि बल्लभगढ़ जीआरपी एसएचओ सूरत पटेल ने स्वीकार करते हुए कहा कि वो स्टेशन पर ज्यादा भीड़ होने की वजह से युवाओं को बचा नहीं सके। ये जानकारी टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से हैं। बता दें कि सूरत में इस्लामिक स्टडीज का छात्र जुनैद का भाई मोहसिन (20), मोइन (18), जुनैद का बड़ा भाई साकिर घटना में बुरी तरह घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया गया है। ये जानकारी हिंदुस्तान टाइम्स के हवाले से हैं। वहीं टाइम्स ऑफ इंडिया ने केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू के हवाले से लिखा, ‘किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए। मामले की पूरी जांच की जा रही है, इसके पीछे जो भी आरोपी हैं उन्हें सजा दी जाएगी।’

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  1. K
    Khalid ziya
    Jun 25, 2017 at 6:35 pm
    आखिर कब तक ना है हमें ये जुल्म..../
    (0)(0)
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