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हरियाणा का हालः मानवाधिकार आयोग में अध्यक्ष न मेंबर, गो-सेवा आयोग में भरे पड़े हैं सभी पद

हरियाणा में राज्य मानवाधिकार आयोग(HHC) का बुरा हाल है। कई अहम पदों के खाली रहने से मामलों की सुनवाई नहीं हो पा रही है। अध्यक्ष का पद जहां 19 महीने से वहीं दो सदस्यों का पद पांच महीने से खाली चल रहा है। जबकि गौ-सेवा आयोग के सभी पद भरे पड़े हैं।

Author नई दिल्ली | March 1, 2018 4:04 PM
हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर। (File Photo)

हरियाणा में राज्य मानवाधिकार आयोग(HHC) का बुरा हाल है। कई अहम पदों के खाली रहने से मामलों की सुनवाई नहीं हो पा रही है। अध्यक्ष का पद जहां 19 महीने से वहीं दो सदस्यों का पद पांच महीने से खाली चल रहा है। आयोग की वेबसाइट पर भी खाली पदों का ब्यौरा मौजूद है।  हरियाणा में मानवाधिकार हनन की बढ़ती घटनाओं को देखते  हुए साढ़े पांच साल पहले कांग्रेस की हुड्डा  सरकार ने आयोग की स्थापना की थी। मगर, इस समय मनोहर लाल खट्टर सरकार में आयोग खुद अपने अस्तित्व को लेकर संघर्ष कर रहा है। सरकार ने आयोग का बजट तो बढ़ाया मगर पद नहीं भरे, जिस पर सवाल उठ रहे हैं। आयोग में इस वक्त 2,205 केस पेंडिंग बताए जाते हैं।

गौ-सेवा आयोग भरा पड़ाः मीडिया रिपोर्ट, के मुताबिक पदों को भरे जाने के लिए आरटीआई एक्टिविस्ट और जनअभियान मंच के सदस्य पीपी कपूर ने मुहिम शुरू की है। आरटीआई से मिली सूचनाओं के आधार पर उन्होंने कहा,”गो-सेवा आयोग के  सभी 16 पद भरे हैं, जबकि मानवाधिकार आयोग के सभी अहम पद खाली हैं, इससे पता चलता है कि सरकार  मानवाधिकारों को लेकर कितनी सजग और संवेदनशील है।” कपूर के मुताबिक आयोग में  दो रजिस्ट्रार, एक ज्वाइंट रजिस्ट्रार और विशेष सचिव के पद भी खाली हैं। बगैर इन पदों को भरे आयोग का सुचारु संचालन संभव नहीं है।

बता दें कि हरियाणा में गायों के रहने के लिए बनी गौशालाओं की निगरानी के लिए हरियाणा में गौ-सेवा आयोग की स्थापना है। इसके चेयरमैन बानी राम मंगला के साथ 16 सदस्य कार्यरत है। आयोग गौ-सेवा के लिए जारी बजट के उपयोग पर भी नजर रखता है। हरियाणा में इस समय गौ-सेवा आयोग की निगरानी में 425 गायों के आश्रय स्थल बताए जाते हैं।

बजट बढ़ा, मगर पद नहीं भरेः एक आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक, जब 2012 में हरियाणा ह्यमून राइट्स कमीशन की स्थापना हुई, तब इसका सालाना बजट 2.5 करोड़ रुपये था। मगर, धीरे-धीरे यह बजट बढ़ता गया और 2017-18 में 6.5 करोड़ रुपये हुआ। बावजूद इसके आयोग में अहम पदों को भरे जाने की कवायद नहीं हुई। जिससे राज्य में मानवाधिकार की रक्षा के लिए बजट का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।बता दें कि एक अगस्त 2016 को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस विजेंद्र जैन के पोस्ट छोड़ने  के बाद से अध्यक्ष का पद खाली चला आ रहा है। वहीं जस्टिस एचएस भल्ला और रिटायर्ड आईएएस जेएस अहलावत के बाद से कोई नया सदस्य नहीं नियुक्त हुआ। इन दोनों मेंबर्स का कार्यकाल 20 सितंबर 2017 को खत्म हो गया था।

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