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‘काला ब्राह्मण’: बैकफुट पर सीएम मनोहर लाल खट्टर, सार्वजनिक तौर पर मांगी माफी

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस मामले में संपूर्ण ब्राह्मण समाज की बैठक मुख्यमंत्री आवास में बुलवाई थी। खट्टर ने इस दौरान ब्राह्मणों से माफी मांगते हुए चेयरमैन भारत भूषण भारती को सस्पेंड करने का फैसला किया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल (फाइल फोटो)

हरियाणा सरकार ने गुरुवार (17 मई) को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती को निलंबित कर दिया है। उन पर ये गाज जूनियर इंजीनियर की भर्ती परीक्षा में ब्राह्मणों को अपमानित करने वाला विवादास्पद सवाल पूछने के कारण की गई है। ये परीक्षा राज्य का कर्मचारी चयन आयोग करवा रहा था। इस पर्चे के सामने आने के बाद पूरे ब्राम्हण समाज में आक्रोश भड़क उठा था। हरियाणा ब्राह्मण महासभा ने इस मामले में पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किए थे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस मामले में संपूर्ण ब्राह्मण समाज की बैठक मुख्यमंत्री आवास में बुलवाई थी। खट्टर ने इस दौरान ब्राह्मणों से माफी मांगते हुए चेयरमैन भारत भूषण भारती को सस्पेंड करने का फैसला किया।

इस मामले पर हरियाणा के शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने कहा,”हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग स्वायत्त संस्था है। इस मामले की जांच ऊंचे स्तर के अधिकारी करेंगे। इसमें हाईकोर्ट के वर्तमान या पूर्व जज शामिल हो सकते हैं। हम इस मामले पर हरियाणा के एडवोकेट जनरल की राय ले रहे हैं। जांच आयोग इस पूरे मामले की जांच फटाफट पूरी करने की कोशिश करेगा। इसके साथ ही, पेपर सेट करने वाले, प्रकाशक, जिन्होंने पेपर तैयार किया। उन सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच पूरी होने तक भारत भूषण भारती सस्पेंड रहेंगे ताकि जांच में वह कोई दखल न दे सकें।”

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नियम के मुताबिक, परीक्षा करवाने वाला बोर्ड या कमिशन प्रश्नपत्र बनाने वाली कंपनी को निर्देश जारी करता है। अगर इस पेपर में किसी भी जाति, धर्म, समुदाय, संगठन या फिर व्यक्ति के बारे में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल होता है तो इसके लिए दोषी प्रश्नपत्र बनाने वाली कंपनी होती है, बोर्ड नहीं। हालांकि वह कंपनी जिसे जूनियर इंजीनियर के प्रश्नपत्र बनाने का ठेका दिया गया था, उसने लिखित में माफी मांग ली है। हालांकि सरकार ने प्रश्नपत्र बनाने वाली कंपनी और प्रकाशक को भविष्य के लिए काली सूची में डाल दिया है।

अन्य सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा,’गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए प्रश्नपत्र बनाने वाली कंपनी का नाम उजागर नहीं किया जा रहा है। चेयरमैन भारती के निलंबन के दौरान एक कार्यवाहक चेयरमैन को नियु​क्त किया जाएगा।’ हालांकि मुख्यमंत्री के माफी मांगने और चेयरमैन को निलंबित करने के बाद पूरे प्रदेश में कई स्थानों पर चल रहे धरने खत्म कर दिए गए हैं।

सीएम मनोहर लाल खट्टर ने पूरे ब्राह्मण समाज से माफी मांगते हुए भरोसा दिलाया कि जो भी इस घटना में दोषी होंगे, सख्त सजा पाएंगे। खट्टर ने कहा,’इस अनचाहे विवाद से ब्राह्मण समाज के साथ ही हमारी भावनाएं भी आहत हुईं हैं।’ बता दें कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 10 अप्रैल 2018 को जूनियर इंजीनियर की परीक्षा आयोजित की थी। इसी परीक्षा के प्रश्नपत्र में 75 नं. क्रमांक पर एक बहुविकल्पीय सवाल पूछा गया था। सवाल था कि नीचे दिए गए प्रतीकों में से किसका दिखना बुरा माना जाता है। सवाल के जवाब में विकल्प दिए गए थे। खाली घड़ा, तेल से भरा बर्तन, काले ब्राह्मण से मुलाकात, ब्राह्मण लड़की का दिखना।

इस सवाल को आपत्तिजनक माना गया। इसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। इसकी प्रतिक्रिया में पूरे प्रदेश में ब्राह्मण समाज ने प्रदर्शन किए थे। जबकि राज्य की कई राजनीतिक पार्टियों ने तीखी प्रतिक्रिया जताई थी। कमीशन ने इस पूरे विवाद की जानकारी मुख्य परीक्षक को दी। जिस पर उन्होंने इस अपमानजनक सवाल के पूछे जाने पर दुख जताया था।

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