हरियाणा में एक साल के लिए बढ़ा गुटखा और पान मसाला पर बैन, जानिए किन-किन राज्यों में लगी है रोक

हरियाणा सरकार ने 7 सितंबर 2020 को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत पान मसाला और गुटखा जैसे तंबाकू और निकोटीन उत्पादों की बिक्री पर रोग लगाई गई थी जोकि अब सितंबर 2022 तक जारी रहेगी।

Tobacco, Pan Masala
प्रतीकात्मक तस्वीर(फोटो सोर्स: PTI)

हरियाणा सरकार ने 27 सितंबर को राज्य में गुटखा और पान मसाला की बिक्री और इसके निर्माण पर लगे बैन को एक साल के लिए और बढ़ा दिया है। इसको लेकर राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एक अधिसूचना जारी कर कहा है कि 7 सितंबर, 2021 से एक साल के लिए तंबाकू उत्पादों की बिक्री और खरीद पर रोक लगा दी गई है। बता दें कि इस संबंध राज्य के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षक, खाद्य निरीक्षकों और अन्य को यह आदेश जारी किया गया है।

एक साल के लिए बढ़ी रोक: हरियाणा में 7 सितंबर 2020 को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत पान मसाला और गुटखा जैसे तंबाकू और निकोटीन उत्पादों की बिक्री पर रोग लगाई गई थी जोकि अब सितंबर 2022 तक रहेगी। इस बैन के पीछे हरियाणा सरकार का मुख्य उद्देश्य लोगों को कोरोना वायरस के फैलते मामलों के बीच सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से रोकना था। हालांकि हरियाणा के अलावा देश की राजधानी दिल्ली में भी पिछले साल तंबाकू उत्पादों पर पूरी तरह से रोक लगाने का फैसला किया गया था।

यूपी-दिल्ली में भी बैन: वहीं पिछले साल यूपी में भी योगी सरकार ने तंबाकू, पान मसाला से जुड़े उत्पादों पर रोक लगा दी थी। मार्च 2020 में लगाए गए लॉकडाउन की घोषणा के तुरंत बाद, 25 मार्च को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पान मसाले की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया गया था।हालांकि इसको लेकर केंद्र सरकार ने भी सभी राज्य सरकारों से निर्देशित किया था कि पान मसाला चबाने और थूकने से COVID-19 के प्रसार में तेजी आ सकती है।

महाराष्ट्र में भी रोक: महाराष्ट्र में 2012 से ही गुटखा और सुगंधित तम्बाकू की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लागू है। इसको लेकर राज्य सरकार की तरफ से पुलिस को खुली छूट दी गई है कि वो राज्य में प्रतिबंधित पदार्थों की खरीद एवं बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ स्वतंत्र रूप से आपराधिक मामले दर्ज कर सकते हैं। वहीं उत्तराखंड सरकार ने 2019 में एक आदेश जारी किया था कि गुटखा-पान मसाला पर पूरी तरह से रोक लगी रहेगी।

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