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हरियाणा: सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बचने के ल‍िए मॉल का मुख्‍य दरवाजा बदल कर बनाया शराब बेचते रहने का रास्‍ता

सुप्रीम कोर्ट ने भारत में हर साल सड़क हादसे से होने वाली 1.5 लाख मौतों को देखते हुए शराब की दुकानें बंद करने का आदेश दिया था।
चित्र का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

कुछ दिनों पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में आदेश दिया है कि किसी भी नेशनल हाईवे (एनएच) से 500 मीटर की दूरी पर कोई भी शराब की दुकान न हो। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद कई पब, बार और रेस्टोरेंट पर बंदी का ताला लटक गया है। अब उनके मालिक इस नियम का काट निकालने में जुटे हुए हैं। इसी तरह का कुछ जुगाड़ साइबर सिटी गुड़गांव में नजर आ रहा है। हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक वहां के मशहूर एम्बिएन्स मॉल के डेवनलपर्स ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का काट निकालते हुए मॉल के मेन एंट्रेस को ही बदलने का फैसला किया है। ताकि शराब बेचते रहने का रास्ता निकाला जा सके। हालांकि, इसमें बड़ा जोखिम है क्योंकि ऐसा करना उनके पहले से अप्रूव मास्टर प्लान और बिल्डिंग प्लान के खिलाफ होगा।

इसके अलावा मॉल का मुख्य द्वार रिहायशी इलाके में करने से न केवल वहां जाम की स्थिति होगी बल्कि रिहायशी इलाके की प्राइवेसी भी खतरे में पड़ेगी। इसके मद्देनजर गुड़गांव के लीला एम्बिएन्स होटल के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया है। विजिटर्स को अब होटल में जाने के लिए लॉन्ग ड्राइव कर रेजिडेंशल एरिया से होकर आना पड़ेगा। इस बीच, एक्साइज डिपार्टमेन्ट ने कहा है कि बुधवार यानी पांच अप्रैल से सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश पर पब, बार और रेस्टोरेन्ट की दूरी का मापन शुरू किया जाएगा।

इधर, मॉल का मुख्य द्वार बदलने पर रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) ने पुलिस और डीटीसीपी में शिकायत दर्ज कराया है। आरडब्ल्यूए के सदस्य संजय लाल का कहना है कि तेज रफ्तार में आती गाड़ियों और कॉमशियल वाहनों की वजह से उनके रिहायशी इलाके में परेशानी हो रही है। बच्चों और बूढ़ों का घर से निकलना दूभर हो रहा है।  गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गुड़गांव में करीब 150 ऐसे पब और बार पर बंदी की तलवार लटकी है जो किसी एनएच या स्टेट हाईवे से 500 मीटर की दूरी के अंदर आते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने भारत में हर साल सड़क हादसे से होने वाली 1.5 लाख मौतों को देखते हुए शराब की दुकानें बंद करने का आदेश दिया था। पिछले साल के अंतिम महीने में सुप्रीम कोर्ट ने अपने अहम फैसले में कहा था कि राष्‍ट्रीय राजमार्गों और स्‍टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानें नहीं होंगी। इसके बाद पिछले दिनों कोर्ट ने अपने फैसले में सुधार करते हुए इस दूरी को कम करते हुए 220 मीटर कर दिया था लेकिन शर्त जोड़ी थी कि 20 हजार से ज्‍यादा आबादी वाले इलाकों में पुराना आदेश लागू रहेगा।

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