ये बर्बरता की चरम सीमा है- गैंगरेप की इस दर्दनाक कहानी को सुनकर बोले वीरेन्द्र सहवाग और हरभजन सिंह - Virender Sehwag and Harbhajan singh reacts on Gurugram gang rape case says it is height of barbarism - Jansatta
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ये बर्बरता की चरम सीमा है- गैंगरेप की इस दर्दनाक कहानी को सुनकर बोले वीरेन्द्र सहवाग और हरभजन सिंह

वीरेन्द्र सहवाग ने इस घटना पर ट्वीट किया, 'ये बर्बरता की चरम सीमा है, हम लोग फेल साबित हुए हैं, हम लोग इतने मज़बूत नहीं हैं कि अपनी बेटियों की हिफाजत कर सकें। भगवान करे कि ऐसी दर्द भरी घटना से होकर किसी को फिर से ना गुजरना पड़े।'

इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

दिल्ली से सटे गुरुग्राम के मानेसर में एक महिला के साथ गैंगरेप की घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। पूर्व क्रिकेटर वीरेन्द्र सहवाग और हरभजन सिंह ने भी इस घटना पर गुस्सा और क्षोभ दिखाया है और पुलिस प्रशासन ने इस केस आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वीरेन्द्र सहवाग ने कहा है कि हमलोग अपनी बेटियों की रक्षा करने में फेल हो चुके हैं। जबकि हरभजन सिंह ने कहा है कि अब हमें अपनी बहन और बेटियों के लिए खड़े होने की जरूरत है। बता दें कि मानेसर में 29 मई की रात को कुछ दरिंदों ने एक चलती ऑटो में महिला के साथ गैंगरेप किया था। इसी दौरान इन वहशी जानवरों ने महिला की नौ महीने की बेटी को चलती ऑटो से सड़क पर फेंक दिया था इस घटना में बच्ची की मौत हो गई। बदमाशों की दरिंदगी यहीं नहीं रूकी वे महिला को ऑटो में लेकर फरार हो गये और चार घंटे तक उसके साथ रेप करते रहे। इसके बाद महिला को वहीं छोड़ कर फरार हो गये। महिला इसके बाद उस स्थान पर आई जहां बदमाशों ने उसकी बेटी को फेंका था, तब तक नौ महीने की उस मासूम की मौत हो चुकी थी। लेकिन ये बात उस महिला को नहीं पता थी, वो अपनी मृत बेटी को लेकर सुबह होने का इंतजार करती रही थी। जब सुबह होने पर ये महिला अस्पताल पहुंची तो डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की मौत हो चुकी है।

वीरेन्द्र सहवाग ने इस घटना पर ट्वीट किया कि, ‘ये बर्बरता की चरम सीमा है, हम लोग फेल साबित हुए हैं, हम लोग इतने मज़बूत नहीं हैं कि अपनी बेटियों की हिफाजत कर सकें। भगवान करे कि ऐसी दर्द भरी घटना से होकर किसी को फिर से ना गुजरना पड़े।’ हरभजन सिंह ने सहवाग के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा है कि, ‘ये घटना अमानवीय बर्बरता की उच्चतम सीमा है, कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए और अपराधियों को सजा दी जानी चाहिए, हमें अपनी बेटियों और बहनों के लिए खड़े होने की जरूरत है। गुरुग्राम पुलिस ने इस घटना के तीन में से दो आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी की गिरफ़्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। हालांकि पुलिस को आरोपियों को गिरफ्तार करने में 9 दिन लग गये।

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