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अकली दल नेता ने आप कार्यकर्ताओं को गोलियों से भूना, एक की मौत एक घायल

अकाली नेता जगसीर सिंह द्वारा गोली मार कर हत्या किए जाने के विरोध में मोगा के उपमंडल धरमकोट में सोमवार को भी तनाव बना रहा।

Author लुधियाना | September 27, 2016 04:19 am
प्रतीकात्मक तस्वीर।

आप कार्यकर्ता जगरूप सिंह की रविवार देर रात स्थानीय अकाली नेता जगसीर सिंह द्वारा गोली मार कर हत्या किए जाने के विरोध में मोगा के उपमंडल धरमकोट में सोमवार को भी तनाव बना रहा। बताया जाता है कि दोनों पक्षों का अरसे से जमीनी विवाद चल रहा है। रविवार को इस शिअद नेता ने जगरूप के साथ तीखी बहस के बाद उन पर गोलियां चला दीं। उन्होंने अपने कुछ हिमायतियों को साथ लेकर इस जमीन को कथित तौर पर जबरन जोतने का प्रयास किया था, तो आप कार्यकर्ता ने कड़ा एतराज जताया।कांग्रेस और आप कार्यकर्ताओं ने आज सोमवार पूरा दिन धरमकोट कस्बे में शहीद ऊधम सिंह चौक पर हत्याकांड के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया और जाम लगाए रखा। प्रदर्शनकारी आरोपी शिअद नेता की तुरंत गिरफ्तारी और स्थानीय थाना प्रभारी सतविंदर सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।

इस बीच, मुख्य आरोपी शिअद नेता जगसीर सिंह को अस्पताल में भर्ती किया गया है। पंजाब पुलिस का दावा है कि उनकी डीएमसीएच-लुधियाना में सर्जरी हुई क्योंकि तीखी झड़प के दौरान उन्हें भी गंभीर चोटें आर्इं। डीएमसीएच के सूत्रों ने पुष्टि करते हुए कहा कि अस्पताल में भर्ती जगसीर, राजदीप और मनजीत नामक तीनों शिअद के लोगों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। हालांकि, पीड़ित पक्ष के परिजनों का आरोप है कि ये सब पंजाब पुलिस और शिअद नेता का हथकंडा है कि उसे अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया। धरमकोट के कांग्रेस नेता सुखजीत सिंह काला लोहगढ़ हत्याकांड के विरोध में जुटे प्रदर्शनकारियों के अगुआ बने और बाद में आप कार्यकर्ता भी मौके पर जमा हो गए। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने शिअद नेता की तुरंत गिरफ्तारी की मांग उठाई है और थाना प्रभारी पर भी कार्रवाई की मांग की है। ये लोग आप कार्यकर्ता अमित पुरी का कहना है, ‘यदि पुलिस ने समय रहते जगसीर सिंह को धर दबोचा होता, तो इस वारदात की नौबत ही नहीं आनी थी।’ बाद में टालमटोल और ‘वारदात की इत्तला नहीं होने’ का बहाना बनाने के बाद अंत में पुलिस को हत्या के आरोपी के खिलाफ धरमकोट थाना में सोमवार को एफआइआर दर्ज करनी पड़ी। आज आप नेता एचएस फूलका भी मोगा के थाने में पहुंचे और वहां जीरो एफआइआर दर्ज किए जाने की मांग उठाई पर वह पुलिस ने दर्ज नहीं की।

पंजाब पुलिस ने पीड़ित जगरूप सिंह के भाई राम सिंह की शिकायत पर हत्या के आरोपियों जगसीर सिंह, सतविंदर सिंह, राजदीप सिंह, भिंडा सिंह, महिंदर सिंह, बूटा सिंह, सुक्खा सिंह और महिंदर सिंह नामक आठ आरोपियों को धारा 302, 307 और 323 के तहत नामजद किया है।सोमवार को जगरूप के शव का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल, लुधियाना में कराया गया। डीएसपी ने पुष्टि करते हुए कहा कि इस वारदात में दो हथियारों का इस्तेमाल हुआ है, एक 32 बोर की रिवॉल्वर का और एक 12 बोर की बंदूक का। दोनों बंदूकों की गोलियां लगने के बाद जगरूप ने दम तोड़ दिया। उनके भतीजे पृथपाल भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए।  आरोपी जगसीर सिंह अपने हाथ में 32 बोर की रिवाल्वर उठाए था, जबकि उनका साथी 12 बोर की बंदूक थामे था। डीएसपी का कहना है कि हत्यारोपियों को अस्पताल से छुट्टी मिलते ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पीड़ित परिवार शव के अंतिम संस्कार पर भी राजी हो गया।

 

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