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हिन्दुओं की आपत्ति के बाद गुरुग्राम में मस्जिद सील, प्रशासन बोला- गोला-बारूद डिपो के प्रतिबंधित दायरे में हुआ निर्माण

एमसीजी के एक प्रवक्ता ने सफाई दी कि शीतला कॉलोनी स्थित मस्जिद चार साल पुरानी है और इसलिए एमसीजी ने दावा किया कि यह ढांचा नवनिर्मित है और कानून का उल्लंघन है। प्रवक्ता ने बताया कि नगर निगम ने डिपो के 300 मीटर के दायरे में आने वाले 11 अन्य नवनिर्मित ढांचों को भी सील किया है।

Gurgaon, Gurugram, mosque, mosque sealed, Municipal Corporation of Gurgaon, mcg, Hindu, muslim, namaj, Hindi news, News in Hindi, Gurgaon news, Jansattaमुस्लिम समाज ने हरियाण नगर निगम के इस फैसले पर आपत्ति जताई है। (फोटो-twitter/@sakshi_dayal)

गुड़गांव नगर निगम (एमसीजी) ने बुधवार (12 सितंबर) को शीतला कॉलोनी इलाके में एक मस्जिद सील कर दी जिसके बाद स्थानीय लोगों ने अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए। एक अधिकारी ने बताया कि नवनिर्मित मस्जिद भारतीय वायुसेना के एक गोला-बारूद डिपो से 300 मीटर के प्रतिबंधित दायरे में आती है। उन्होंने कहा कि नगर निगम ने डिपो के 300 मीटर के दायरे में आने वाले 11 अन्य नवनिर्मित ढांचों को भी सील किया है। बहरहाल, इस कदम से नाखुश लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए और एमसीजी एवं जिला प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठ गए। मुस्लिम एकता मंच के अध्यक्ष हाजी शहजाद खान ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एमसीजी ने ‘‘जानबूझकर’’ यह ‘‘आक्रोशित करने वाला’’ कदम उठाया।

खान ने कहा, ‘‘हम हरियाणा की भाजपा सरकार द्वारा सर्मिथत एमजीसी की मंशा समझते हैं। वे चाहते हैं कि हम गैर-कानूनी काम करें ताकि वे इसे बड़ा मुद्दा बना सकें। इस कदम पर हमें ऐतराज है, लेकिन हम कानून अपने हाथ में नहीं लेंगे और मूक प्रदर्शन के लिए यहां बैठेंगे।’’ एमसीजी के एक प्रवक्ता ने सफाई दी कि शीतला कॉलोनी स्थित मस्जिद चार साल पुरानी है और इसलिए एमसीजी ने दावा किया कि यह ढांचा नवनिर्मित है और कानून का उल्लंघन है। प्रवक्ता ने बताया कि नगर निगम ने डिपो के 300 मीटर के दायरे में आने वाले 11 अन्य नवनिर्मित ढांचों को भी सील किया है।

दरअसल ये मामला शहर की शीतला माता कॉलोनी का है। यहां पर शीतला माता का एक मंदिर है। हिन्दू समुदाय के लोगों का कहना है कि पिछले 6 महीनों से मुसलमानों ने एक निजी घर में नमाज पढ़नी शुरू कर दी है। हिन्दू समुदाय का कहना है कि यहां पर बड़ी संख्या में मुस्लिम पहुंचते हैं। इनका कहना है कि यहां पर सुबह और शाम के वक्त तेजी से लाउडस्पीकर बजाया जाता है जिससे लोगों को परेशानी होती है। वहीं मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि कुछ हफ्ते पहले सेक्टर-53 में भी नमाज पढ़ने का विरोध किया गया था, जिसके बाद प्रशासन ने नमाज पढ़ने के लिए 37 जगह चुने गये थे। मुस्लिम पक्ष के मुताबिक जिस स्थान पर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह भी प्रशासन द्वारा चिन्हित जगहों में से एक है।

(एजेंसी इनपुट्स के साथ)

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