ताज़ा खबर
 

गुरुग्राम नगर निगम चुनाव नतीजे 2017: अबकी बार बीजेपी की करारी हार

Gurgaon MCG Chunav Election Result 2017: कांग्रेस ने ये चुनाव अपने चुनाव चिह्न के साथ नहीं लड़ा था।
UP Nagar Nigam Election/Chunav 2017: तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

एक तरफ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अमित शाह के नेतृत्व में साल 2019 के लोक सभा चुनाव की तैयारी कर रही है वहीं पार्टी की नाक के नीचे गुरुग्राम (गुड़गांव) नगर पालिका के चुनाव में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। रविवार (24 सितंबर) को आए गुरुग्राम नगर निगम के नतीजों में कुल 35 नगर निगम सीटों में से बीजेपी को केवल 13 सीटों पर ही जीत मिली। बाकी 21 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। कांग्रेस ने दावा किया है कि जीत हासिल करने वाले ज्यादातर निर्दलीय कांग्रेस समर्थक हैं। कांग्रेस ने यह चुनाव पार्टी के चुनाव निशान पर नहीं लड़ने का फैसला किया था। एक सीट इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के खाते में गई है।

गुरुग्राम नगर निगम की 35 सीटों के लिए रविवार को वोट डाले गए। चुनाव अधिकारी के अनुसार चुनाव में कुल 55.4 फीसद मतदाताओं ने मताधिकार का उपयोग किया। शाम 5:00 बजे मतदान खत्म होने के तुरंत बाद मतगणना शुरू कर दी गई जिसके नतीजे शाम 7:30 बजे तक आ गए। इस चुनाव से भाजपा की हार से पार्टी नेताओं के चेहरे उतर गए जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर समर्थकों का कहना है कि यदि कांग्रेस ने अपने चुनाव निशान पर लड़ा होता तो भाजपा 10 का आंकड़ा भी नहीं पार कर पाती।

गुरुग्राम के सियासी जानकारों का कहना है कि भाजपा की हार का प्रमुख कारण टिकटों के बंटवारे में गड़बड़ी है जबकि जीएसटी और नोटबंदी को भी पार्टी की हार के कारणों के तौर पर गिनाया जा रहा है। उनका कहना है कि गुरुग्राम न केवल हरियाणा बल्कि दिल्ली की व्यावसायिक गतिविधियों का भी केंद्र है। बड़ी संख्या में व्यवसायी यहां हैं और भाजपा को मिली मात से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि व्यापारी समुदाय जीएसटी की व्यवस्था से भाजपा सरकार से नाखुश है। कहा यह भी जा रहा है कि सूबे की मनोहर लाल खट्टर सरकार के प्रदर्शन से नाखुश लोगों ने भी इस चुनाव के माध्यम से भाजपा के लिए खतरे की घंटी बजाई है। मुख्यमंत्री खट्टर सोमवार को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं। जाहिर तौर पर उन्हें इस हार की कैफियत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को देनी होगी।

जीत दर्ज करने वाले उम्मीदवारों की सूची- मिथिलेश- निर्दलीय, शकुंतला यादव- भाजपा, रविंद्र यादव- भाजपा, वीरेंद्र राज यादव- इनेलो, रिंपल यादव- भाजपा, नरेश सहरावत- निर्दलीय, मधु आजाद- भाजपा, दिनेश सैनी- निर्दलीय, प्रोमिला कबलाना- निर्दलीय, शीतल बागड़ी- निर्दलीय, योगेंद्र सारवान- भाजपा, नवीन दहिया- निर्दलीय, ब्रह्म यादव- भाजपा, संजय प्रधान- निर्दलीय, सीमा पाहूजा- निर्दलीय, मधु बत्रा- निर्दलीय, रजनी साहनी- निर्दलीय, सुभाष सिंगला- भाजपा, अश्विनी- निर्दलीय, कपिल दुआ- भाजपा, धर्मबीर- निर्दलीय, सुनीता यादव- निर्दलीय, अश्वनी शर्मा- भाजपा, सुनील- निर्दलीय, सुभाष फौजी- भाजपा, प्रवीणलता- निर्दलीय, सुदेश रानी- निर्दलीय, हेमंत कुमार- निर्दलीय, कुलदीप यादव- भाजपा, महेश दायमा- निर्दलीय, कुलदीप बोहरा- निर्दलीय, आरती यादव- भाजपा, सुनीता यादव- भाजपा, जिले सिंह- निर्दलीय, कुसुम यादव- निर्दलीय।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. R
    rajeev
    Sep 25, 2017 at 3:49 pm
    बे सुतिया जीता कोण है ये भी बता दे ?? सारे बीजेपी वाले ही है टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय लड़ रहे थे
    (1)(0)
    Reply
    1. R
      rajeev
      Sep 25, 2017 at 3:51 pm
      yes election between BJP vs BJP
      (0)(0)
      Reply