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अब ग्रेटर नोएडा में रोका गया भागवत कथा का आयोजन, यह बताई वजह

स्थानीय निवासियों का कहना है कि दो महीने पहले भी इन्हीं लोगों ने प्लॉट में किसी भगवान की मूर्ति लगाने की कोशिश की थी, लेकिन अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें रोक लिया था।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 37 में एक जमीन के प्लॉट पर भागवत कथा का आयोजन करने के लिए जुटे कुछ लोगों पर ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने बुधवार को कार्रवाई की। यह जमीन अथॉरिटी की है, इसलिए अधिकारियों ने स्थानीय लोगों की शिकायत पर ऐक्शन लेते हुए यहां का अतिक्रमण हटवाया। बताया जाता है कि इस प्लॉट पर धार्मिक गतिविधियां होती रहती हैं, लेकिन यह किसी को आवंटित नहीं किया गया है। एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक, इस सेक्टर के रहने वाले लोग ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से इस जमीन को खरीदने के लिए फंड भी जुटा रहे थे। इस बीच, कुछ ‘बाहरी’ लोग कथित तौर पर इस प्लॉट में घुस आए और सुबह पूजा-पाठ आदि करने लगे। इसके बाद, स्थानीय लोगों ने अफसरों को सूचना दी। अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और कार्यक्रम रुकवाया। यह घटना ऐसे वक्त में सामने आई है, जब हाल ही में नोएडा पुलिस ने प्राइवेट कंपनियों को कहा है कि वे अपने कर्मचारियों को सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ने से रोकें।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि दो महीने पहले भी इन्हीं लोगों ने प्लॉट में किसी भगवान की मूर्ति लगाने की कोशिश की थी, लेकिन अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें रोक लिया था। सेक्टर 37 आरडब्ल्यूए प्रेसिडेंट सुनीता नागर की ओर से ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी में शिकायत दर्ज कराई गई है। उनके मुताबक, कुछ बाहरी लोग यहां मूर्तियां स्थापित करने और मंदिर बनाने की फिराक में थे। इसके लिए हफ्ते भर तक चलने वाले भागवत कथा के आयोजन की आड़ ली जा रही थी। वहीं, स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्लॉट में होने वाले इस आयोजन के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई थी।

वहीं, सेक्टर 37 आरडब्ल्यूए जनरल सेक्रेटरी भागवत राम का कहना है कि स्थानीय निवासियों ने मिलकर शिव मंदिर वेलफेयर समिति बनाया है। उनके मुताबिक, लोग उस प्लॉट को इस सेक्टर के लोगों को आवंटित किए जाने के लिए रकम जुटा रहे हैं। इस बारे में अथॉरिटी से दरख्वास्त भी की गई है, लेकिन कुछ बाहरी लोग विवाद पैदा कर रहे हैं। वहीं, भागवत कथा का आयोजन करने वाले राधा-रानी महिला मंडल की रिंकी बंसल ने कहा कि लोग उस जगह पर 3-4 सालों से पूजा कर रहे हैं। उन्होंने भी वहां एक हफ्ते का कार्यक्रम बनाया था। श्रद्धालुओं के लिए टेंट और स्टेज लगाया गया था, लेकिन कुछ लोगों ने अथॉरिटी को शिकायत कर दी, जिन्होंने आकर यह सब कुछ हटवा दिया। उधर, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ नरेंद्र भूषण ने कहा कि चूंकि यह प्लॉट किसी को आवंटित नहीं है, इसलिए अतिक्रमण को हटा दिया गया।

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