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परिजनों का मैक्स अस्पताल पर आरोप, पैसे के लिए मृतक जिंदा बताकर कई दिनों तक रखा वेंटिलेटर पर

परिजनों का आरोप है कि मौत कई दिनों पहले हो गई थी। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने बिल बढ़ाने के चक्कर में कई दिनों तक लाश को वेंटिलेटर पर रख कर उसे जिंदा बताया।

Author नोएडा | November 23, 2017 03:42 am
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

हरियाणा के गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल की तर्ज पर सेक्टर- 19 के मैक्स अस्पताल में 12 दिनों से भर्ती मरीज की मौत पर परिजनों ने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि मौत कई दिनों पहले हो गई थी। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने बिल बढ़ाने के चक्कर में कई दिनों तक लाश को वेंटिलेटर पर रख कर उसे जिंदा बताया। परिजनों का आरोप है कि उन्हें मरीज से नहीं मिलने भी नहीं दिया जा रहा था। मूलरूप से बुलंदशहर के रहने वाले मनोज कुमार (38) खोड़ा कॉलोनी में परिवार के साथ रहते हैं। मनोज सेक्टर- 62 की एक कंपनी में नौकरी करते हैं। करीब 12 दिन पहले पेट में इंफेक्शन के चलते उन्हें सेक्टर- 19 के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतक के भतीजे राहुल ने बताया कि 5 दिन पहले ही मनोज की मौत हो गई थी लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर यह बता कर रखा कि वह अभी जिंदा हैं और सांसें चल रही हैं। डॉक्टरों ने मनोज के जल्द ठीक होने का भी दावा भी किया। बुधवार शाम को डॉक्टरों ने अचानक बताया कि मनोज की मौत हो गई है। राहुल का आरोप है कि शुरुआत में 1.5 लाख रुपए जमा कराए गए थे। अब 4 लाख रुपए और मांग रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह रकम जमा कराए जाने के बाद ही डाक्टरों ने शव सौंपने को कहा है।

परिजनों का आरोप है हंगामें के बाद सूचना पर पहुंची थाना सेक्टर- 20 पुलिस भी अस्पताल के सुर में सुर मिला रही है। राहुल ने आरोप लगाया कि थाना सेक्टर- 20 के एसएसआइ ने उनके साथ अभद्रता भी की। साथ ही रकम जमा कराने के बाद ही शव सौंपे जाने को लेकर अस्पताल प्रबंधन का पक्ष लिया है। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों से इनकार किया है। पिछले दो दिनों से मनोज वेंटिलेटर पर था। बताया गया है कि मृतक की पत्नी 8 महीने की गर्भवती है। जिस वजह से उसे पति की मौत के बारे में नहीं बताया गया है। मामले पर थाना सेक्टर- 20 के एसएचओ अनिल कुमार शाही ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

 

 

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