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वाट्सऐप पोस्ट करके छात्रा ने स्कूल क्लर्कों पर लगाया रेप का आरोप, केस दर्ज

एक छात्रा द्वारा वाट्सऐप पर जारी एक कथित गुमनाम पत्र में स्कूल परिसर में उसके साथ बलात्कार का आरोप लगाया गया है।
Author चंडीगढ़ | September 25, 2017 01:27 am
प्रतीकात्मक तस्वीर

एक छात्रा द्वारा वाट्सऐप पर जारी एक कथित गुमनाम पत्र में स्कूल परिसर में उसके साथ बलात्कार का आरोप लगाया गया है। इसके बाद रविवार को सोनीपत जिले के गोहाना में एक निजी स्कूल के दो लिपिकों के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज किया गया है। सोनीपत के एसपी सत्येंद्र कुमार गुप्त ने फोन पर बताया कि लड़की या उसके परिवार से कोई सदस्य औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के लिए अब तक सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा, ‘हमने तत्काल इस गुमनाम पत्र पर संज्ञान लिया और आइपीसी की धारा 376 डी (सामूहिक बलात्कार) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। आगे की जांच की जा रही है।’

गोहाना के सिटी पुलिस स्टेशन के एसएचओ उपनिरीक्षक कुलदीप ने कहा कि कथित पीड़िता ने पत्र में खुद को एक छात्रा बताया है। उसने शिकायत की प्रतियां प्रधानमंत्री कार्यालय, हरियाणा के मुख्यमंत्री, राज्य के डीजीपी, सोनीपत के एसपी, गोहाना पुलिस और दो समाचार पत्रों को भेजने की बात कही है। एसएचओ ने कहा, ‘हमने पाया कि वाट्सऐप पर यह पत्र जारी किया गया था। तत्काल इस पर संज्ञान लिया गया। हम स्कूल अधिकारियों के संपर्क में हैं। दो लिपिकों से पूछताछ की है।’ उन्होंने बताया कि पत्र में जिन दो स्टॉफ सदस्यों के नाम दिए गए हैं, उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।पुलिस ने बताया कि पत्र में दो स्टाफ सदस्यों के नाम आरोपियों के रूप में दिए गए हैं। इसमे यह नहीं बताया गया है कि पीड़िता कौन है, कौन सी कक्षा में पढ़ती है या उसकी उम्र क्या है।

कुलदीप ने कहा कि स्कूल अधिकारियों के पास इस तरह की किसी घटना के बारे में कोई सुराग नहीं है। उन्होंने कहा, ‘पीड़िता का दावा है कि कार्यालय कक्ष में आरोपियों ने उसका यौन उत्पीड़न किया। लेकिन घटना की कोई तिथि पत्र में नहीं दी गई है। हमे न केवल दो स्टाफ सदस्यों के कार्यालय के बाहर बल्कि उनके कमरे के अंदर भी सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ मिला है। स्कूल परिसर में कई सीसीटीवी कैमरे लगे हुए मिले। शौचालयों के बाहर भी सीसीटीवी कैमरे लगे हुए पाए गए।’एसएचओ ने बताया कि दो आरोपियों को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है क्योंकि जांच अभी जारी है। उन्हें जांच में सहयोग करने और शहर से बाहर नहीं जाने के लिए कहा गया है। एक सवाल के जवाब में एसएचओ ने बताया कि यदि किसी ने इस गुमनाम पत्र को पोस्ट कर शरारत उत्पन्न करने का प्रयास किया है तो यह केवल जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

 

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