हरियाणा: जज ने कहा राज्य के एडिशनल एडवोकेट जनरल कर रहे थे जुनैद की हत्या के आरोपी के वकील की मदद, की कार्रवाई की मांग - Judge Said Additional Advocate General Was Helping Junaid Khan Murder Accused Counsel - Jansatta
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हरियाणा: जज ने कहा राज्य के एडिशनल एडवोकेट जनरल कर रहे थे जुनैद की हत्या के आरोपी के वकील की मदद, की कार्रवाई की मांग

अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक न्यायाधीश ने कहा कि एसोशिएट एडवोकेट जनरल अभियुक्त पक्ष के वकील की मदद कर रहे थे।

Author October 30, 2017 10:49 AM
जुनैद के पिता जलालुद्दीन (दाएं) ने हाई कोर्ट से मामले की जांच हरियाणा पुलिस से लेकर सीबीआई को देने की मांग की है। (एक्सप्रेस फोटो)

हरियाणा में चलती ट्रेन में हुई 15 वर्षीय जुनैद खान की हत्या मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने वरिष्ठ सरकारी वकील के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। सरकारी वकील पर जुनैद की हत्या के अभियुक्त की मदद का आरोप है। न्यायाधीश वाईएस राठौर ने कहा कि एडिशनल एडवोकेट जनरल नवीन कौशिक मुख्य अभियुक्त नरेश कुमार की वकील की मदद कर रहे थे। न्यायाधीश राठौर ने अपनी टिप्पणी में कहा कि कौशिक अभियुक्त के वकील को 24 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को हुई पेशी में गवाहों द्वारा पूछ जाने के लिए सवाल बता रहे थे। इसी साल जून में जुनैद और उसके दो चचेरे भाइयों के साथ कुछ लोगों ने ट्रेन में सीट को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद मारपीट की थी। 15 वर्षीय जुनैद की चाकू से लगे घावों की वजह से मारा गया था।

न्यायाधीश राठौर ने कहा, “हरियाणा के एडिशनल एडवोक्ट जनरल नवीन कौशी का कृत्य पेशेवर रूप से गलत कृत्य है और ये कानून मर्यादा के खिलाफ और किसी वकील से अपेक्षित आचरण के विरुद्ध है, खासकर इसलिए क्योंकि वो हरियाणा सरकार के एडिशनल एडवोकेट जनरल कार्याल में कानूनी अधिकारी हैं।” न्यायाधीश राठौर ने कहा कि जुनैद की हत्या का मामला काफी संवेदनशील है। न्यायाधीश ने कहा, “वादी पक्ष के अनुसार अल्पसंख्यक समुदाय के एक लड़के ट्रेन में सीट को लेकर हुए झगड़े के दौरान मार दिया गया। मारे गये लड़के को कथित तौर पर बहुसंख्यक समुदाय के सदस्यों ने धार्मिक रूप से निशाना बनाया।” न्यायाधीश राठौर ने आगे कहा, “इससे गलत संदेश जाएगा और पीड़ित पक्ष के मन में असुरक्षा की भावना बढ़ेगी। इससे न्यायालय के निष्पक्ष और तटस्थ न्याय की अवधारणा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।”

न्यायाधीश राठौर ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, राज्य सरकार, हरियाणा के एडवोकेट जनरल कार्यालय और पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल को भी इस बाबत जरूरी कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है। नरेश कौशिक ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि ये “गलत धारणा” है कि वो अभियुक्तों के वकील की मदद कर रहे थे। कौशिक ने कहा, “मैं मामले में अदालत में नहीं पेश हुआ और मेरा इससे कोई संबंध नहीं है। मैं वहां केवल इसलिए था क्योंकि मैं उत्तर क्षेत्र का भारतीय भाषा अभियान का संगठन सचिव हूँ और मामले के एक वकील मेरे जानने वाले हैं। उन्होंने अदालत से अपील की थी कि सीआरपीसी के तहत सबूतों को हिन्दी में दर्ज किया जाए।” कौशिक के अनुसार भाषा अभियान अदालतों में भारतीय भाषाओं के चलन को बढ़ावा देने के लिए काम करता है।

जुनैद के पिता जलालुद्दीन ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में अर्जी दी कि मामले की जांच सीबीआई जैसी किसी स्वतंत्र संस्था से करायी जाए। जुनैद के पिता ने अपने परिवार और गवाहों को सुरक्षा दिए जाने की भी मांग की। जलालुद्दीन के वकील ने अदालत में कहा कि मामले में सभी गवाहों के बयानों को जानबूझकर तोड़-मरोड़ कर और परस्पर विरोधाभासी तरीके से पेश किया जा रहा है ताकि अभियुक्तों को मदद मिल सके। इससे पहले पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मामले के एक अभियुक्त को यह कहकर जमानत देने से इनकार कर दिया कि बचाव पक्ष के गवाहों को इससे क्षति पहुंच सकती है।

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