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बस स्टॉप से उठा कर 12 बदमाशों ने किया रेप, 8 घंटे बाद पिता को फोन कर कहा- बेटी को ले जाइए

पीड़िता अभी रेवाड़ी के सिविल हॉस्पिटल में भर्ती है। नूह की एसपी नाजनीन भसीन ने उससे मुलाकात की है।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फाइल फोटो)

हरियाणा के महेंद्रगढ़ में एक बस स्टॉप से एक लड़की (19) का अगवा कर लिया गया। उसे जबरन नशीली दवाईं दी गईं और रेवाड़ी से चालीस किलोमीटर दूर नया गांव ले जाया गया, जहां 12 लोगों ने उसके साथ कथित तौर पर घंटों बलात्कार किया। इसके बाद आरोपी वापस पीड़िता को बस स्टॉप पर छोड़कर फरार हो गए। बर्बर घटना के अंजाम देने के बाद भी अपराधी कितने बेखौफ थे इसका अंदाजा महज इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने इसकी सूचना परिजनों को दी। खबर है कि आरोपी पीड़िता और उसके परिजनों को अच्छी तरह जानते थे। इस अपराध के जुर्म में पुलिस ने तीन संदिग्धों का नाम दर्ज किया है। जिनके नाम हैं; पंकज (आर्मी में जवान), नीशू और मनीष। हालांकि अभी तक पुलिस किसी को भी गिरफ्तार करने में नाकाम रही है।

हरियाणा में दसवीं कक्षा की टॉपर और बेसबॉल की होनहार खिलाड़ी बीते बुधवार (12 सितंबर, 2018) को सड़क मार्ग के जरिए रेलवे परिक्षा की कोचिंग लेने के लिए महेंद्रगढ़ के कनीना पहुंची थी। शुरुआत जांच से पता चला है कि गैंगरेप की योजना पहली से ही बनाई गई थी। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक एफआईआर में जिन तीन आरोपियों और कुछ संदिग्धों के नाम हैं, उन्होंने सुबह से ही पीड़िता के घर से उसका पीछा करना शुरू कर दिया था। कार और बाइक के जरिए उसकी बस का पीछा किया। जानकारी के मुताबिक सुबह सात बजे के करीब जब पीड़िता बस में चढ़ी तब पिता उसके साथ थे। सवा आठ बजे के करीब जब वह कनीना बस स्टैंड (यहां उसका कोचिंग सेंटर है।) पर उतरी तब मनीष और पंकज उससे मिले और मुलाकात पर आश्चर्य व्यक्त किया। अपने वहशी हरकत को अंजाम देने के लिए दोनों आरोपियों ने इस दौरान उसे पानी पीने के लिए दिया। पानी पीने के बाद जब पीड़िता बदहवास हो गई तो आरोपी उसे नया गांव ले आए। पीड़िता ने जो बात अपने परिवार को बताई है उसके मुताबिक, ‘आरोपी उसे एक घर में ले गए जहां एक ट्यूबवेल लगा था। कुछ अन्य लोग भी उन दोनों के शामिल हो गए हो गए और बलात्कार किया।’

जानकारी के मुताबिक पीड़िता के साथ करीब आठ घंटे लगातार दुष्कर्म किया गया। इसके बाद शाम के बाद पंकज, नीशू और मनीष वापस उसे कनीना के उसी बस स्टैंड पर छोड़ आए, जहां से अगवा किया गया। उस समय शाम के करीब पांच बजे थे। इस वक्त तक भी पीड़िता के नशे की हालत में होने पर मनीष ने अपने मोबाइल फोन से पीड़िता के पिता को फोन किया और कहा, ‘उसकी तबियत ठीक नहीं है। उसे बस स्टैंड से ले जाइए।’ पिता के आने तक मनीष बस स्टैंड के पास ही खड़ा रहा।’

वहीं राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने एक बयान में कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है। आरोपियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पीड़िता अभी रेवाड़ी के सिविल हॉस्पिटल में भर्ती है। नूह की एसपी नाजनीन भसीन ने  उससे मुलाकात की है। मुलाकात के बाद एसपी भसीन ने बताया कि उन्होंने पीड़िता से बात की है। अभी उसकी हालत स्थिर है। मुख्य आरोपी की पहचान कर ली गई है। केस की हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है। केस की जांच के लिए सरकार ने एसआईटी का गठन किया है जिसकी कमान एसपी भसीन को सौंपी गई है। इसके अलावा एसपी ने आरोपियों का सुराग देने वाले को एक लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी लिखित में हरियाणा के डीजीपी को पत्र लिखकर केस की प्रगति के बारे में जानकारी मांगी है।

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